इलाहाबाद कल आज और...फिल्म `गांधी` का अन्तिम दृश्य और हाईटेक नगरी की दास्तान

इलाहाबाद कल आज और...फिल्म `गांधी` का अन्तिम दृश्य और हाईटेक नगरी की दास्तान

अभी भी रात 10 बजे इलाहाबाद भयावह ही हो जाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अस्थि कलश यहीं संगम त्रिवेणी में विसर्जित हुआ था। गांधी फिल्म जब प्रर्दशित हुई तो उसमें बमुश्... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...ऐतिहासिक है मानसरोवर चौराहा

इलाहाबाद कल आज और...ऐतिहासिक है मानसरोवर चौराहा

मानसरोवर चौराहा है सामाजिक लाग लपेट की पहचान स्थली शशि कपूर की फिल्म `फकीरा` ने बदल दी एक शख्स की जिंदगी जनेश्वर मिश्र और मदन लाल खुराना के भाषणों की थी गूंज ... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और... `अजन्ता पार्क` और `जड़ियन-टोला` की दास्तान

इलाहाबाद कल आज और... `अजन्ता पार्क` और `जड़ियन-टोला` की दास्तान

इलाहाबाद के युवा जानकर करेंगे अचरज नामी लोगों का क्या है यहां से कनेक्शन कैसे यहां के लोगों ने लिखा स्वर्णिम इतिहास ... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...जीरो रोड! यादगार दस्तावेजों का इलाहाबाद

इलाहाबाद कल आज और...जीरो रोड! यादगार दस्तावेजों का इलाहाबाद

जीरो रोड भौगोलिक गाथा के पहचान की दास्तान है। जीरो रोड के नाम को लाख कोशिशों के बावजूद भी बिसराया नहीं जा सका। कभी मुन्नी बाई का कोठा यहां बदनाम रहता था। ... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...हरी नमकीन और लस्सी की मिठास

इलाहाबाद कल आज और...हरी नमकीन और लस्सी की मिठास

यहां भोला पहलवान के परिवार जनों की दुकानें हैं। रबड़ी, मलाई, स्वादिष्ट दही आज भी मिलता है कि जीभ चाटती रह जाये। खुशहाल पर्वत क्षेत्र में जगह-जगह कुएं भी खोदे गए थे। अब निशान... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और कल…शांति का नोबल और मां टेरेसा की ममता

इलाहाबाद कल आज और कल…शांति का नोबल और मां टेरेसा की ममता

जब नोबल शान्ति पुरस्कार की घोषणा हुई इलाहाबाद में थी मदर टेरेसा इलाहाबाद में हुई मदर टेरेसा के कार्यक्रम को  बीबीसी और सीएनएन चैनलों ने भी दिखाया था इलाहाबाद शहर को ग... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...अज्ञेय ने महादेवी से जब किया संवाद

इलाहाबाद कल आज और...अज्ञेय ने महादेवी से जब किया संवाद

समाचार पत्रों में मुख्य खबर थी, महान कवयित्री महादेवी वर्मा को ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर के कर-कमलों से ज्ञानपीठ सम्मान दिया जायेगा। कितनी गर्व की बात ... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...अज्ञेय जी की श्रीराम जानकी यात्रा और सिनेमा घरों का चार दरवेश

इलाहाबाद कल आज और...अज्ञेय जी की श्रीराम जानकी यात्रा और सिनेमा घरों का चार दरवेश

निरंजन लाला भार्गव नाम से  निरंजन सिनेमा सर्वाधिक बेहतरीन सिनेमा के रुप में स्थापित हुआ। मोता महल और  रुपबानी सिनेमा हॉल दोयम दर्जे के थे, जहां केवल पंखों की हवा मिलती ... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और...दूध बेचते-बेचते बन गये ‘वाइस चान्सलर’

इलाहाबाद कल आज और...दूध बेचते-बेचते बन गये ‘वाइस चान्सलर’

पीयूष हर सुबह जाड़ा-गर्मी-बरसात की परवाह किये बगैर अपनी राजदूत की सवारी से निकल जाते। डॉ. पीयूष रंजन के जीवन में भी तमाम उतार-चढ़ाव आते रहे, किन्तु अपने पथ से वह डिगे नहीं। ... ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और....व्यंजनों के स्वाद में बदलता बहादुरगंज

इलाहाबाद कल आज और....व्यंजनों के स्वाद में बदलता बहादुरगंज

बहादुरगंज इलाका पुरातन को बिसरा कर हो रहा हाइटेक। यहां भट्ठी में चढ़ी दूध की कड़ाही होती जा रही है बड़ी। दूध-मलाई बेचने वाले ‘नाटेलाल’ की नई पीढ़ी ने किया कमाल।  ... ...(विस्तार से पढ़ें)


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