इलाहाबाद कल आज और...दूध बेचते-बेचते बन गये ‘वाइस चान्सलर’

इलाहाबाद कल आज और...दूध बेचते-बेचते बन गये ‘वाइस चान्सलर’

  • पीयूष हर सुबह जाड़ा-गर्मी-बरसात की परवाह किये बगैर अपनी राजदूत की सवारी से निकल जाते।
  • डॉ. पीयूष रंजन के जीवन में भी तमाम उतार-चढ़ाव आते रहे, किन्तु अपने पथ स ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और....व्यंजनों के स्वाद में बदलता बहादुरगंज

इलाहाबाद कल आज और....व्यंजनों के स्वाद में बदलता बहादुरगंज

  • बहादुरगंज इलाका पुरातन को बिसरा कर हो रहा हाइटेक।
  • यहां भट्ठी में चढ़ी दूध की कड़ाही होती जा रही है बड़ी।
  • दूध-मलाई बेचने वाले ‘नाटेलाल’ की न ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और .......`सरयू पारिण` के `शंकर` की कहानी

इलाहाबाद कल आज और .......`सरयू पारिण` के `शंकर` की कहानी

  • कटघर रोड पर कभी `मित्र प्रकाशन-माया प्रेस` होता था, जिसकी राष्ट्रीय परिधि में पहचान कभी शुमार करती थी।
  • युनूस परवेज ने प्यार से शंकर को अपना छोटा भाई बनाते हु ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और....`आम` को `खास` से मिलाती `चोर-गल्ली`

इलाहाबाद कल आज और....`आम` को `खास` से मिलाती `चोर-गल्ली`

  • एक रोड पर `पंचमुखी महादेव` का विशाल मंदिर है, तो दूसरी तरफ `भोलेगिरी का मंदिर` है। यह चोर गल्ली ही तो है, जो दोनों सड़कों को जोड़ती है।
  • ऐसे ही राजा मांडा के क्षे ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और....बूंद-बूंद से मोती बनाती सीपियां

इलाहाबाद कल आज और....बूंद-बूंद से मोती बनाती सीपियां

  • डांडी के गांव क्षेत्र के बाशिंदे सबसे बड़े जीवन्त मोती पैदा करने वाले वैज्ञानिक बन चुके हैं।
  • वो `सीप` से बातें करता है, लैब में जब `वो` बैठता है, तो सीप आहिस्त ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और….`बूंद और समुद्र` का कथानक और राजनीति की दहलीज   

इलाहाबाद कल आज और….`बूंद और समुद्र` का कथानक और राजनीति की दहलीज  

  • तुगलक भी अपने पुरखों-सम्राट अकबर की तरह त्रिवेणी संगम से `गंगाजल`  मंगवाकर नियमित पीता था। 
  • बात आठवें दशक की है, जब गंगा-यमुना में बाढ़ का झोंका आया तो `चा ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और....

इलाहाबाद कल आज और...."मालवीय नगर" की दास्तान

  • इतिहास के पन्नों में झांकने और उसे पलटने की ज़रूरत है। ताकि `हाईटेक` युग की पीढ़ी अनभिज्ञ न रह सके।
  • इसी खुले आसमान के नीचे `पीपल वृक्ष` की छांव तले महामना पण् ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद: कल आज और....  डॉ बच्चन और गली-गली मधुशाला

इलाहाबाद: कल आज और.... डॉ बच्चन और गली-गली मधुशाला

 सुबह का वक्त। सर्किट हाउस में आवाजाही बढ़ गयी थी। वास्तव में फिल्म जगत के मेगास्टार अमिताभ बच्चन (मुन्ना) अपने गृह नगर इलाहाबाद पहुंचे थे। उनकी पत्नी जया भादुड़ी और छोट ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद कल आज और.... `मैग्नाकार्टा` से `महामना उद्यान` तक

इलाहाबाद कल आज और.... `मैग्नाकार्टा` से `महामना उद्यान` तक

गोरी सरकार ने कितने ही रणबांकुरों को मौत के घाट तब उतार दिया था। कम्पनी बाग का क्षेत्र हो अथवा पुराने चौक का इलाका।

आज भी गवाही देता अपनी पहचान को बताता `नीम का विशाल वृक ...(विस्तार से पढ़ें)


इलाहाबाद: कल आज और... परम्पराओं में जीने वाला `कीडगंज मुहल्ला`

इलाहाबाद: कल आज और... परम्पराओं में जीने वाला `कीडगंज मुहल्ला`

"कीडगंज"  की पहचान में जुड़ी है, तीर्थराज प्रयाग के तीर्थ पुरोहितों की पारम्परिक जीवन शैली। आज भी उसी शैली, शौक, शान से जीना ही नहीं चाहता बल्कि तमाम विसंगतियों से जूझत ...(विस्तार से पढ़ें)


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