सिटी स्टार: मोटापे पर हंसने वाले लोग ही बने फैन, पढ़िए इलाहाबाद के वासु आग्रवाल की कहानी

  • Hasnain
  • Thursday | 11th January, 2018
  • local
संक्षेप:

  • भारत मोटापे की सूची में दुनिया में 5वें नंबर पर
  • NYOOOZ आपको बता रहा है वासु अग्रवाल की कहानी
  • 129 किलो हो गया था वासु का वजन

 

इलाहाबाद: मोटापा, मानसिक और शारीरिक तौर पर दुनिया में एक बड़ी बाधा बन चूका है। भारत मोटापे की श्रेणी में दुनिया में पहले पांच पर आता है। भारत में 5% लोग ऐसे हैं जो की ओवरवेट की श्रेणी में आते हैं। अब चाहे इसे मेट्रो-सिटी का दोष माने या फिर अनुवांशिक विकार, मोटापा आज के समय में एक बड़ी मुसीबत है।

आज जहाँ लोग अपने आप को फिट रखने के लिए हर मुमकिन प्रयास करते हैं वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कब इस समस्या के प्रभाव में पड़ जाएं, पता ही नहीं चलता। ऐसा ही हुआ 29 साल के इलाहबाद के एक व्यापारी के साथ, जिसे पता ही नहीं चला की कब उसका वजन 129 किलो हो गया।

NYOOOZ आपको मिला रहा है वासु अग्रवाल से, जो की पेशे से तो एक व्यवसायी हैं लेकिन कई लोगों के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी बन चुके हैं। वह इलाहबाद में तीन ब्रांडेड स्टोर्स के मालिक हैं। लेकिन यह वासु की हमेशा वाली कहानी नहीं है। आज भले ही वासु 80 किलो के हैं लेकिन एक वक़्त ऐसा भी था जब वह 129 किलो के हो चुके थे और वजन कम करना उनके लिए काफी मुश्किल हो रहा था।

NYOOOZ से खास बातचीत करते हुए वासु ने बताया, "मैं बचपन में कभी पतला नहीं हुआ करता था। समान्य रूप से परिवार में मोटापे के होने के कारण घर पर कोई बड़ी बात नहीं थी। लेकिन जब तक मैं 5वीं कक्षा तक पहुंचा तब तक मुझे ये मालूम होने लगा की मुझे मेरी उम्र के कपड़े फिट नहीं हो रहे हैं। दुकानदार मेरा मज़ाक उड़ाया करते थे लेकिन मैं उन बातों पर कभी ध्यान नहीं दिया करता था। मुझे इसका एहसास तब हुआ जब मैंने कॉलेज के पहले वर्ष में दाखिला लिया। मैं मोटापे की वजह से में लोगों की हँसी का पात्र बन गया और तब मुझे लगा की मुझे अपना वजन घटाना चाहिए"।

2015  में 129  किलो होने के कारण, वासु ने यह तय किया की वह अब अपना वजन कम करेंगे। सामाजिक रूप से कट चुके और उपहास का पात्र बन चुके वासु ने जिम जाना शुरू किया। एक साल के अंदर वासु ने अपना वजन 129 से लेकर 90 किलो तक पंहुचा दिया था। उसके बाद जब वासु ने रेज फिटनेस रेवोलुशन जिम जाना शुरू किया तो उनका वजन 68 किलो तक पहुंच गया था, वो भी सिक्स-पैक्स के साथ। ये लगातार वासु के रोज 3 घंटे के वर्कआउट की मेहनत का नतीजा था।

लेकिन ये सफर वासु के लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। जिम में वर्कआउट करते समय काफी बार लोग वासु के वजन का मजाक उड़ाया करते थे, लेकिन इस सब के बावजूद वासु ने अपने मनोबल को कम नहीं होने दिया। कुछ दिन ऐसे भी थे जब वासु को लगा की जिम छोड़ देना चाहिए, लेकिन कम होते वजन को देखकर जिम आने का मनोबल और भी बढ़ गया। खुशी की बात तो तब हुई जब उनके आलोचक उनके प्रशंसक में तब्दील हो गए।

वासु इस सब के लिए अपने ट्रेनर का भी तहेदिल से प्रशंसा करते हैं। वह बताते हैं कि कैसे शुरुवाती तौर पर वजन घटना आसान होता है लेकिन इस नियम पर बरकरार रहना उतना ही मुश्किल। 

वासु ने बताया कि उनके लिए कपड़े एक बड़ी प्रेरणा रही। एक वक़्त ऐसा था जब XXXL भी उन्हें  तंग लगता था और एक वक़्त ऐसा आया जब S  भी उन्हें ढीला हो रहा था। वासु का कहना है कि "वजन घटाते समय हर इंसान को अपना धीरज कायम रखना चाहिए और उसे अनुशासन का पालन करना चाहिए, अगर किसी के अंदर ये दोनों विशेषता हैं तो अपने आप ही काम बन जाते हैं"।

वासु ने बताया कि वजन घटाते हुए सप्लीमेंट लेना कोई बुरी बात नहीं है। शरीर की आवश्यक पूर्ति के लिए यह जरूरी है। लेकिन ये ध्यान रहे की वह नकली न हो, क्योंकि बज़ार में काफी ऐसे नकली ब्रांड बिकते हैं जो स्वास्थ्य को हानि पहुंचा सकते हैं। इसके लिए वासु ने राम जी जायसवाल से ही सप्लीमेंट्स की खरीदारी की हिदायत दी। 

वजन कम होने के बाद, वासु अब अपने खान-पान का काफी ध्यान रखते हैं और सिर्फ स्वस्थ्य खाना ही खाते हैं। वह अब ऐब्स पर कम और वजन सही रखने में जायदा ध्यान देते हैं। 
`No Quitting and no Looking Back` यही है वासु का सभी लोगों के लिए फिटनेस मंत्र।

                                                      

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