सिटी स्टार: अभिजेय नेगी ने की MAD की शुरुआत, रिस्पना नदी के अस्तित्व के लिए ऐसे दे रहे योदगान

  • Hasnain
  • Friday | 16th February, 2018
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संक्षेप:

  • NYOOOZ ने की अभिजेय नेगी से बातचीत
  • अभिजेय को मिल चुका है दामोदर श्री राष्ट्रीय पुरस्कार
  • अभिजेय ने की MAD  की शुरुआत

 

देहरादून: सिटी स्टार अपने अलग अंदाज और काम के लिए ही जाने जाते है। आज NYOOOZ जिस शख्स की बात करने जा रहा है, उन्होंने भी अपनी छोटी सी उम्र में ही एक अलग मुकाम हासिल किया है।

हम बात कर रहे हैं अभिजेय नेगी की, जिन्हें दामोदर श्री राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। सत्रह साल की उम्र में कुछ बदलाव की सोच से इन्होंने MAKING A DIFFERENCE BY BEING THE DIFFERENCE (MAD) की शुरुआत की और वहीं से देहरादून के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा।

अगर हम इनकी शैक्षिक योग्यताओं के बारे में बात करें तो इन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर से संवैधानिक कानून में स्नातक डिग्री हासिल की है। साथ ही इन्हें देश भर के सभी लॉ विश्विद्यालयों में से सर्वश्रेष्ठ लॉ विद्यार्थी का टाइटल अपने लिखे लेख "कानूनी शिक्षा सुधार और न्याय की स्वीकृति" पर सोसाइटी ऑफ इंडिया लॉ फर्म्स के द्वारा नवाज़ा गया है। स्नातकोत्तर की डिग्री के लिए इन्हें छात्रवृत्ति के द्वारा ऑक्सफोर्ड जाने का मौका मिला। जहां उन्होंने अपने लॉ के हूनर को और भी बढ़िया ढंग से तराशा।

अगर हम इनके सामाजिक संस्था की बात करें जो कि विद्यार्थी केंद्रित संस्था है। तो अभिजेय बताते है कि एक दोपहर उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी पर डॉक्यूमेंट्री देखी, जहां उन्हें पता लगा कि 17 साल बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को नुकसान की भरपाई नहीं मिल पाई है। जिसके बाद मैंने सोचा कि पैसे जुटा कर उन्हें भेजूं लेकिन इस कोशिश में विफल रहा। लेकिन इसी मदद की चाहत ने हमें MAD की शुरुआत करने का हौसला दिया।

8 जून 2011 में शुरू होने के बाद अभी तक यह समूह 500 से ज्यादा गतिविधियों में शामिल हो चुका है। जिसमें Clean-up drive, Sanitation Programs, Transformation of Walls, Plantation, Clothes Distribution शामिल हैं।

लेकिन अभिजेय के नेतृत्व में जो इन्होंने सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की, वह है रिस्पना नदी के अस्तित्व को वापस लाने की, जो आज एक नाला बन चुका है।

इनके निरंतर प्रयास और पूरी नदी के सर्वेक्षण के बाद इन्होंने संबंधित सभी समस्याओं और चुनौतियों को सरकार के सामने रखा। इन्हीं की बदौलत एनआईएच की संस्था ने यह कबूला की रिस्पना को फिर से पुनः जीवित किया जा सकता है। तब से लेकर अब तक इन्होंने रिस्पना नदी में कई Clean-up Drive कर चुके हैं।

अभिजेय बताते हैं कि कैसे उन्हें अलग-अलग विभागों से लड़ना पड़ा और एक RTI में तो उन्हें यह कहा गया कि विभाग सिर्फ देश के नागरिकों को ही प्रतिक्रिया देता है। लेकिन इन सब चीजों के बावजूद वह अपने कार्य के जरिये रिस्पना नदी के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

बीते कुछ वर्षों में अभिजेय केन्या, रवांडा, चीन, आयरलैंड और यूनाइटेड किंगडम का दौरा कर चुके हैं। इस उम्र में जहाँ लोग ख़्वाबगाह की ओर बढ़ते हैं वहीं अभिजेय ने अपने हुनर से हम सभी को एक नई दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं।

NYOOOZ अभिजेय को उनके हौसलें और उनके द्वारा किए जा रहे कामों के लिए बधाई देता है।

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