कानपुर की ये लकड़ी आंखों पर पट्टी बांधकर कर पढ़ती है रामायाण

संक्षेप:

  • कानपुर की लड़की आंखों पर पट्टी बांधकर करती हैं कई तरह के काम
  • रामायण को पढ़ती हैं जैसे खुली आंख से कोई पढ़ता है
  • साइकिल आंखों पर पट्टी बांधकर चलाती है

कानपुरः13 साल की लड़की इन दिनों पूरे कानपुर में चर्चा का विषय बनी हुई है। जो लोग खुली आंखों से नहीं कर पाते है वो काम वह बंद आंखों से कर लेती है। आंख में पट्टी बांध कर वो किताब और अख़बार पढ़ लेती है। आंख में पट्टी बांध कर साइकिल चलाती है। स्पर्श कर किसी भी नोट का नंबर बताती है। इतनी ही नहीं उसे एक स्पर्श कराने के बाद यदि कोई वस्तु छिपा दो तो वो आंख में पट्टी बांध कर उसे ढूंढ निकालती है।

बंद आंखों से वो यह तक बता देती है कि मेरे सामने कितने लोग खड़े है जिसमे कितने पुरुष है और कितनी महिलाये। बच्ची के यह कारनामे दूर-दूर तक चर्चा में है। ग्रामीण तो इसे अलौकिक शक्ति मानते है बच्ची के अन्दर दैवी शक्ती है। बिधनू थाना क्षेत्र स्थित काकोरी गांव में रहने वाले जयकारन बच्चो को पढ़ाते है। जय कारन की भांजी काजल सोलवानी (13) क्लास 9 की छात्रा है।

काजल जब साढ़े तीन साल की थी तब उसके मामा गांव लेकर आये थे और तब से काजल अपने मामा के साथ रह रही है। वैसे इसके पैरेंट्स गोपालपुर कैधा में रहते है काजल के पिता राज बहादुर खेती का काम करते है। परिवार में मां पुत्तन देवी दो बड़े भाई राजू, संजय चार बहने सुमन ,किरन पूजा और काजल है। काजल के अन्दर कुछ ऐसी शक्तियां है जो काम वो खुली आंखों से कर सकती वहीं काम वो आंख में पट्टी बांध कर भी कर सकती है। उसे सब कुछ बंद आंखों से भी वैसे ही दिखाई देता है जैसा की खुली आंखों से।

NYOOOZ.COM की टीम ने काजल का रियल्टी चेक किया। सबसे पहले काजल की दोनों आंखों में कॉटन रख कर कपडे से आंख को बंद करा दिया। काजल से रामायण पढने के लिए कहा गया। काजल अक्षरों के ऊपर अंगुली रख कर धारा प्रवाह रामायण पढने लगी। इसके बाद रामायण के कई पन्ने पलट दिए गए। तो वह रामायण में लिखी चौपाई बड़ी ही आसानी से पढ़ती चली जा रही थी।

इसके बाद काजल को सौ का नोट दिया गया। तो उसने बता दिया कि यह सौ का नोट है और इसका सीरियल नंबर यह है। इसी तरह से उसे 5 सौ का,10 का और 20 का नोट दिया गया। उसने सभी नोटों का सीरियल नंबर चुटकियो में बता दिया।

काजल ने आंख में पट्टी बांध कर साईकिल चलाना शुरू किया तो उसके रास्ते में कई, जानवर और बाइक खड़े थे लेकिन उसने इतनी सफाई से साइकिल निकाली जैसे वह खुली आंखों से साइकिल चला रही हो। इसके बाद काजल ने यह भी बताया कि मेरी दाये साइड में लेडिज खड़ी है और मेरी बाय साइड में जेंट्स। इसके बाद काजल के हाथ में एक पेन स्पर्श करा कर छिपा दिया गया। काजल उस पेन चंद मिनटों में ढूंड निकाला। यह देख कर सभी हैरान रह गए।

काजल सोलवानी का कहना है कि मैं आंख में पट्टी बांध कर लोगों की खुशबू से यह बता दूंगी की यह महिला है या फिर पुरुष। स्पर्श करके कोई भी किताब दे दो मैं पढ़ लुंगी जैसा मुझे आंख खोलने पर दिखता है वैसा ही बंद करने पर भी। उसने बताया कि लगभग तीन साल पहले मैं पढ़ रही थी। पढ़ते-पढ़ते मैंने आंख बंद की तो मुझे वहीं किताब बंद आंखों में भी नजर आ रही थी। मैं चौक गई यह बात मैंने अपने मामा को बताया, लेकिन किसी ने भी यकीन नही किया। लेकिन जब मैंने उन्हें प्रक्टिकल कर के दिखाया तब सभी यकीन हुआ।

उसने बताया कि मेरे स्कूल में डीएम आये थे। मेरे प्रिंसिपल सर ने मुझे डीएम सर मिलवाया और उन्होंने मुझसे पेपर अलग-अलग बुक पढ़वाई तो यह देख कर वो भी हैरान रह गए थे।  काजल ने बताया कि मैं आंख बंद करके वहीं चीजे ढूंड सकती हूँ जो मेरी हाईट के लेबल पर रखी हो। यदि मेरे सिर की ऊंचाई के ऊपर रखी होगी तो मुझे उस वस्तु को तलाशने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। वहीं जयकरण ने बताया कि जब काजल छोटी थी और आंख में पट्टी बांध कर बच्चे एक दूसरे को पकड़ने वाला खेल खेलते थे तो काजल डायरेक्ट पकड़ लेती थी।

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