आगरा: सेना भर्ती के लिए नकली दस्तावेज के साथ पहुंचे 15 युवा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

संक्षेप:

जिले में सेना में भर्ती के लिए नकली दस्तावेज लेकर पहुंचे युवा

पुलिस ने 15 लोगों को किया गिरफ्तार

नकली प्रमाण पत्र और नकली कोरोना जांच रिपोर्ट के चलते गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सेना के लिए युवाओं की भर्ती की जा रही हैं... कई जगह युवाओं में प्रशासन के व्यवस्थाओं को लेकर रोष है तो कहीं प्रशासन सेना में भर्ती के लिए आए युवाओं को लेकर नाराज़ है.. ताजा मामला आगरा का है जहां सेना में भर्ती के लिए आवेदन देने आए युवाओं के दस्तावेज़ नकली पाए गए...

 

नकली दस्तावेजों के साथ पहुंचे 15 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.. इनमें 10 अभ्यर्थी फर्जी निवास प्रमाण पत्र लेकर पहुंचे थे... जबकि पांच युवकों को कोविड-19 की फर्जी रिपोर्ट बनाने के मामले में दबोचा गया है.. पकड़े गए युवक बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर और हापुड़ के रहने वाले हैं...

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नेशनल हाईवे स्थित आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज में 15 फरवरी से सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आठ मार्च तक चलने वाली सेना भर्ती रैली में जिलेवार अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है। पहले दिन कासगंज जिले के युवकों को बुलाया गया था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के युवक कासगंज के फर्जी निवास प्रमाण पत्र लेकर भर्ती रैली में पहुंच गए। पहले से ही सतर्क पुलिस और सेना पुलिस ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर भर्ती होने पहुंचे 10 युवकों को दबोच लिया। इनमें से आठ ने शारीरिक परीक्षा दे दी थी। वहीं एक युवक की शारीरिक परीक्षा बाकी थी जबकि एक अभ्यर्थी का भर्ती के लिए पंजीकरण नहीं हो सका था। इनमें से दो अभ्यर्थियों ने फिजिकल पास भी कर लिया था...

 

एसएसपी ने बताया कि हापुड़, बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर के दस अभ्यर्थियों सहित 15 को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है... इनमें पांच आरोपित वे हैं जो रुपये लेकर फर्जी निवास प्रमाण पत्र और कोविड जांच रिपोर्ट बनाकर दे रहे थे।...

 

भर्ती में शामिल होने आये युवकों के फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह में चार युवक गांव अरसेना, सिकंदरा के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों को सम्राट अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम शिव कुमार (मोहम्मदाबाद, फरुर्खाबाद), सोनू खान, नवीन, फिरोज व मुनीर (गांव अरसेना, सिकंदरा) बताए।

 

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सेना भर्ती रैली के अधिकारी कर्नल अनिल झन्झारिया डीआईआरआरटीजी, ओआरओ मेरठ से जानकारी की गई। पकड़े गए दसों अभ्यर्थियों के दस्तावेज उन्हें दिखाए गए। उन्होंने जांच के बाद बताया कि अभ्यर्थी लवकुश, हितेश कुमार, सचिन, रोहित कुमार, विनीत, गौरव, सनी, प्रदीप कुमार आर्मी भर्ती में शामिल हुए थे। इनके द्वारा फिजिकल दिया गया था। जय प्रकाश को बेरीबेरी, कासगंज के निवास प्रमाण पत्र के आधार पर आर्मी भर्ती में प्रवेश दिया गया था। इसने फिजिकल नहीं दिया। कुलदीप तेवतिया को 16 फरवरी का समय दिया गया था। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से मिले दस्तावेजों की जांच की गई तो वे फर्जी निकले।

 

दो हजार में कोविड जांच रिपेार्ट

पुलिस ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले जिन पांच आरोपियों को पकड़ा है, उन्होंने कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट देने की दुकान खोल रखी थी... उनके पास पहले से कंप्यूटर में एक नेगेटिव रिपोर्ट सेव थी... वे दो हजार रुपये में उसी में नाम, क्रमांक और तारीख बनाकर रिपोर्ट तैयार कर रहे थे... इसके बदले में दो हजार रुपये ले रहे थे..

 

वहीं हाथरस में सेना भर्ती के लिए गए युवाओं का आरोप था कि कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पक्षपात कर रह हैं, जो लोग अपने दस्तावेज़ दे चुके हैं उनकी कोरोना जांच नहीं कराई जा रही है, जबकि अपने जान पहचान के लोगों की ही कोरोना जांच कर रहे हैं...

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