आगराः मासूमों के भटकते बचपन को संवारेगा बाल मित्र थाना

  • Wednesday | 10th May, 2017
संक्षेप:

  • किताबें और खिलौने भी होंगे ताकि काउंसलिंग के दौरान बच्चों को डर न लगे
  • काउंसलिंग के लिए दो पुलिसकर्मी और तीन चाइल्ड काउंसलर
  • यहां गुमशुदा बच्चों से लेकर अपराध में लिप्त बच्चों का होगा सुधार 

आगराः अपराध की दुनिया में आए नाबालिगों के बहके बचपन को बाल मित्र थाने में संवारा जाएगा, ताकि वह अपराधी न बनें। यूनिसेफ के सहयोग से ताजनगरी आगरा के पर्यटक थाने में बाल मित्र पुलिस की शुरुआत कर दी गई है। इसके लिए एक कक्ष बनाया गया है, जो स्कूल के रूम जैसा दिखेगा। इसमें किताबें और खिलौने भी है। ताकि काउंसलिंग के दौरान बच्चों को डर न लगे। इस कक्ष में आपराधिक वारदातों में पकड़े गए नाबालिगों की काउंसलिंग की जाएगी। यहां सीसीटीवी कैमरा भी लगाया जाएगा। काउंसलिंग के लिए दो पुलिसकर्मी और तीन चाइल्ड काउंसलिंग। 

आलिशान रूम में बैठकर कैरम खेल रहे बच्चे किसी घर मैं नहीं न किसी प्ले ग्रुप के स्कूल में है। बल्कि यह बच्चे बैठे हैं। एक ऐसी जगह जहां का नाम सुनते ही अपराधियों के पसीने छूट जाते हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं। आगरा में बना यह बाल मित्र थाना जहां मिसिंग बच्चों से लेकर अपराध में लिप्त बच्चों को सजा के तौर पर दी जाती हैं। पुलिस से मित्रता और मनोरंजन के सभी साधन जो बच्चों के लिए इस उम्र में बेहद जरूरी होते हैं। आगरा का बाल मित्र थाना बनकर तैयार है। जिससे बच्चों की जिंदगी संभालन जायेंग। बाल मित्र थाना भटके वह बच्चों को रास्ता दिखा कर उनकी जिंदगी में परिवर्तन करने का कार्य करेगा इस थाने में बच्चों को खाकी वर्दी धारी पुलिस गर्मी नहीं मिलेंगे लेकिन सादा वर्ष सादा कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहकर बच्चों से मित्र का व्यवहार करेंगे।

 इस बालमित्र थाने को पुलिस थाने से दूर रख कर NGO द्वारा चलाया जाएगा। और इस थाने में बाल कल्याण विभाग का एक कर्मचारी भी तैनात रहेगा और बच्चों के खाने पीने से लेकर मनोरंजन के सभी साधन इस बालमित्र थाने में देखने को मिलेंगे।

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unicef के सहयोग से बन रहा बाल मित्र थाना अकेला आगरा में ही नहीं यह थाने प्रदेश के 20 शहरो में बनाए जा रहे हैं। ताकि रास्ता भटक रहें नौनिहाल मासूम बच्चों को जुर्म के रास्ते से बचा कर उन्हें अच्छी तालीम देकर उनकी जिंदगी को सभाला जा सके और जल्द पूरे प्रदेश में 1500 से ज्यादा थानों में यह बाल मित्र थानों की स्थापना होगी।

हालांकि अखिलेश सरकार के समय से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत यूनिसेफ के सहयोग से बनाये जा रहे हैं। बाल मित्र थाने एक सराहनीय प्रयास हैं। आने वाले समय में योगी सरकार इस प्रयास को कितना आगे बढ़ाती हैं। और ये प्रयास कितना सार्थक साबित होता हैं। ये देखने वाली बात होगी।

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