बीएसपी-एसपी गठबंधन ​ऐसे बिगाड़ सकता है भाजपा की जीत का गणित

बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच 25 साल बाद ऐतिहासिक गठबंधन की औपचारिक घोषणा आज बसपा सुप्रीमो मायावती और एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए की है।

दोनों पार्टियों के बीच सीटों का बंटवारा किया जा चुका है।

लोकसभा की 80 सीटों में से बीएसपी और एसपी दोनों 38—38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, वहीं दो सीटें अन्य पार्टी और दो सीटें कांग्रेस के लिए खाली रखी गई हैं।

ऐसे में सपा बसपा गठबंधन को भाजपा के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है।

जानकारों का कहना है कि ये गठबंधन बीजेपी की नींद उड़ाने वाला है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक एसपी बीएसपी के एकजुट होने के बाद चुनावी समीकरण और जातीय गणित निश्चित रूप से भाजपा के लिए चुनावी संघर्ष को वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनावों के मुकाबले ज्यादा कांटे का बनाएंगे।

इनकी ताकत को हाल ही गोरखपुर, फूलपुर और कैराना के लोकसभा उपचुनावों में देखा जा चुका है।

दलित और यादव वोट एकसाथ होने का सीधा फायदा गठबंधन को होगा जो बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी करेगा।

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