अलर्ट! कहीं आम में ज़हर तो नहीं, खाने से पहले कर ले ऐसे चेक

संक्षेप:

  • बगीचों में अभी आम पके नहीं हैं लेकिन बाजार कई किस्म के आम से पट गए हैं। सिंदूरी, लंगड़ा, मालदा समेत अन्य किस्म के आम बाजार में दिखने लगे हैं
  • इन्हें कार्बाइड से पकाकर बाजार में सजाया जा रहा है
  • इस्पात जनरल अस्पताल के सेवानिवृत सहायक निदेशक डॉ. रास बिहारी महापात्र ने बताया कि कार्बाइड व रसायन लगाकर पकाया गया आम सेहत के लिए हानिकारक है

बगीचों में अभी आम पके नहीं हैं लेकिन बाजार कई किस्म के आम से पट गए हैं। सिंदूरी, लंगड़ा, मालदा समेत अन्य किस्म के आम बाजार में दिखने लगे हैं। मंडी में आंध्रप्रदेश, ओडिशा, बंगाल से बड़े पैमाने पर आम मंगाए जा रहे हैं। इन्हें कार्बाइड से पकाकर बाजार में सजाया जा रहा है। समय से पहले बाजार में उतरे गए आम एक तो खाने में कम मीठे हैं दूसरा ये स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। व्यवसायी वर्ग को सिर्फ अपनी आमदनी नजर आ रही है। लोगों की सेहत से उनका कोई लेना देना नहीं है।

स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

इस्पात जनरल अस्पताल के सेवानिवृत सहायक निदेशक डॉ. रास बिहारी महापात्र ने बताया कि कार्बाइड व रसायन लगाकर पकाया गया आम सेहत के लिए हानिकारक है। इसका सेवन करने से पेट में दर्द, गेस्ट्रोटाइटिस, एलर्जी, पेट में अल्सर तथा कैंसर तक हो सकता है। आक्साइड देकर फल को पकाने से यह जहरीला हो जाता है। इसका सेवन करने वालों के स्वास्थ्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता हैं। पौधे को जल्दी बड़ा करने तथा अधिक फल फूल के लिए भी रसायन का इस्तेमाल हो रहा है। यह आम जैसे फलदार पौधे की जाति भी प्रभावित हो रही है। इसके साथ यह कैंसर जैसी बीमारी का भी कारण बन सकता है। इसे हाथ से बार-बार छूने से हाथों में खुजली, आंखों में जलन आदि हो सकती है। इससे निकलने वाली गैस में अधिक देर तक सम्पर्क में रहने वाले के फेफड़े को नुकसान पहुंचता है। यानी यह आम फायदे की बजाय जानलेवा हो सकता है।

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कैसे करें पहचान
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आम तौर पर स्थानीय पेड़ से निकला आम आधा हरा व आधा पीला हो सकता है. आम में हरा साफ दिखता है. लेकिन, कार्बाइड वाले आम में ऐसा नहीं होता है. वह पूरे तौर पीला दिखता है. साथ ही उसमें किसी तरह की खुशबू नहीं के बराबर होती है. हाथ में लेने पर गर्मी का एहसास होता है. जबकि, स्थानीय पेड़ से निकले आम में ऐसा नहीं होता है.

 

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