मायावती-अखिलेश की साझेदारी पर भी भाजपा भारी, यहां गठबंधन की राह नहीं आसाना

आगरा। अखिलेश यादव से हाथ मिलाने के बाद भी ब्रज की एक सीट पर मायावती की स्थिति बहुत मजबूत होती नहीं दिख रही है।

बीते दस वर्षों से इस लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कब्जा है हालांकि दोनों बार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने कड़ी टक्कर दी।

बीते लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें तो गठबंधन के बावजूद यहां भाजपा को उखाड़ फेंकना सपा-बसपा के लिए आसान नहीं है।

आकड़ों पर गौर करें तो गठबंधन हो जाने के बाद भी ब्रज की आगरा लोकसभा सीट पर भाजपा मजबूत है।

आगरा लोकसभा सीट सुरक्षित है, दलितों की राजधानी कहा जाता है यह शहर।

यहां सबसे अधिक वोट मुस्लिम और दलितों के हैं बावजूद भाजपा सपा बसपा से इस सीट को छीनने में कामयाब रही है।

हालांकि आगरा पर दो बार सपा का कब्जा रहा है।

सपा की तरफ से 1999 व 2004 में राजब्बर ने जीत दर्ज की थी लेकिन राजबब्बर के अलग होते ही सपा यहां टक्कर में भी नहीं आ पाई।

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