आगरा लोकसभा सीट: इस सीट पर एक बार भी नहीं बनी महिला सांसद

उत्तर प्रदेश में दलितों का गढ़ माने जाना वाला आगरा क्षेत्र लोकसभा चुनाव के लिहाज से भी काफी अहम है. आजादी के बाद से अब तक 16 बार हुए लोकसभा चुनाव में आगरा को महिला सांसद नहीं मिल पाई है. लोकसभा सीट पर महिला वोटरों की संख्या बेशक बराबर ही रहती हो, लेकिन संसद में आगरा सीट का प्रतिनिधित्व करने का गौरव किसी महिला को नहीं मिला है. बता दें कि आगरा आरक्षित सीट है. ये सीट अभी भारतीय जनता पार्टी के रामशंकर कठेरिया के पास है.ये रहा इतिहासआगरा लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी, लेकिन पिछले करीब दो दशकों में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी या समाजवादी पार्टी ही जीत पाई है. 1952 से लेकर 1971 तक यहां से कांग्रेस ने जीत दर्ज की. जबकि इमरजेंसी के बाद देश में कांग्रेस विरोधी लहर में चौधरी चरण सिंह की पार्टी भारतीय लोक दल ने यहां पर जीत दर्ज की.हालांकि, उसके बाद हुए लगातार दो चुनाव 1980, 1984 में फिर यहां पर कांग्रेस ही जीती. लेकिन उसके बाद कांग्रेस दोबारा इस सीट पर वापसी नहीं कर पाई. 1989 में जनता दल ने इस सीट पर कब्जा किया. उसके बाद देश में हुए लगातार तीन लोकसभा चुनाव 1991, 1996 और 1998 में भारतीय जनता पार्टी यहां से जीती.1999 और 2004 में समाजवादी पार्टी की ओर से बॉलीवुड अभिनेता राज बब्बर ने यहां पर चुनाव जीता. अब राज बब्बर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं. 2009 और 2004 में भारतीय जनता पार्टी के रामशंकर कठेरिया यहां से बड़े अंतर से जीते.googletag.cmd.push(function() { googletag.display('div-gpt-ad-1548417314420-0'); });googletag.cmd.push(function() {googletag.defineSlot('/1039154/Hindi_News18/Hindi_News18_Ros/Hindi_News18_ROS_728x90_MGID', [728, 90], 'div-gpt-ad-1548417314420-0').addService(googletag.pubads());googletag.pubads().enableSingleRequest();googletag.pubads().collapseEmptyDivs();googletag.enableServices();});जातीय समीकरणआगरा दलित और मुस्लिम वोटरों का गढ़ माना जाता है. यहां करीब 37 फीसदी वोटर दलित और मुस्लिम ही हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां 18 लाख से अधिक वोटर थे, जिसमें 10 लाख पुरुष और 8 लाख महिला वोटर शामिल हैं. 2014 में यहां कुल 59 फीसदी मतदान हुआ था.Loading... (function(){var D=new Date(),d=document,b='body',ce='createElement',ac='appendChild',st='style',ds='display',n='none',gi='getElementById',lp=d.location.protocol,wp=lp.indexOf('http')==0?lp:'https:';var i=d[ce]('iframe');i[st][ds]=n;d[gi]('M370080ScriptRootC285148')[ac](i);try{var iw=i.contentWindow.document;iw.open();iw.writeln(''+'dy>'+'ml>');iw.close();var c=iw[b];}catch(e){var iw=d;var c=d[gi]('M370080ScriptRootC285148');}var dv=iw[ce]('div');dv.id='MG_ID';dv[st][ds]=n;dv.innerHTML=285148;c[ac](dv);var s=iw[ce]('script');s.async='async';s.defer='defer';s.charset='utf-8';s.src=wp+'//jsc.mgid.com/h/i/hindi.news18.com.285148.js?t='+D.getYear()+D.getMonth()+D.getUTCDate()+D.getUTCHours();c[ac](s);})();कौन हैं सांसद रामशंकर कठेरियासांसद रामशंकर कठेरिया अपने बयानों के कारण हमेशा चर्चा में रहते हैं. वह इस समय अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. केंद्र सरकार में जिस दौरान रामशंकर कठेरिया मानव संसाधन मंत्रालय में राज्य मंत्री थे, तब उनके ऊपर फर्जी डिग्री का आरोप लगा था.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp।

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