बेटी का रेप करने वाले पिता को उम्रकैद, फैसले में जज की लिखी कविता पढ़ कर हो जाएंगे भावुक

संक्षेप:

आगरा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है. जहां पर एक बाप ने अपनी 12 साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार किया. बच्ची की मां की गैरमौजूदगी में इस बाप ने अपनी फूल सी बच्ची के साथ कई दिन तक बलात्कार किया.

आगरा: आगरा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है. जहां पर एक बाप ने अपनी 12 साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार किया. बच्ची की मां की गैरमौजूदगी में इस बाप ने अपनी फूल सी बच्ची के साथ कई दिन तक बलात्कार किया. यही नहीं बच्ची को धमकाया कि अगर उसने ये बात किसी को बताई तो वो उसे जान से मार देगा. अब इस बाप को अपने कुकर्म की सजा मिल गई है. कोर्ट ने इसको उम्रकैद की सजा दी है. सजा सुनाते समय कोर्ट के जज भी भावुक हो गए.

फैसला सुनाने से पहले उन्होंने बेटियों पर एक कविता लिखी. जज ने अपनी कविता में लिखा- जब-जब जन्म लेती है बेटी खुशियां साथ लाती है बेटी.  ईश्वर की सौगात है. बेटी सुबह की पहली किरण है. बेटी तारों की शीतल छाया है. आंगन की चिड़िया है बेटी. बेटियों पर लिखी इस कविता ने सबका दिल छू लिया है.

इसके बाद जज ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को समाज में रहने का कोई हक नहीं है जो रक्षा करने की बजाय भक्षक ही बन जाए. ये पूरा मामला आगरा के जगदीशपुर इलाके का है. एक महिला ने 10 जून 2015 को अपने पति के खिलाफ FIR फाइल कराई थी.

ये भी पढ़े : कोरोना कहर: मानसिक रूप से घायल था संक्रमित, अस्पताल की खिड़की से कूदकर की खुदकुशी 


इस महिला का आरोप था कि उसके पति ने अपनी ही 12  साल की बेटी के साथ 10 दिन तक बलात्कार किया. महिला का कहना है कि वो अपनी बहन के घर कुछ दिन के लिए गई थी और बेटी घर पर ही थी. महिला जब अपनी बहन के घर से वापस आई तो अपनी बच्ची को गुमसुम और उदास देखा. मां के कई बार पूछने पर उसने सब बयां कर दिया. जिसके बाद महिला ने अपने पति को सजा दिलाने की ठान ली.

बस फिर क्या था बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए इस मां ने अपने पति के खिलाफ केस दर्ज करा दिया. महिला ने जगदीशपुरा थाने में अपने पति के खिलाफ FIR लिखवाई.  बता दें कि ये मामला पॉक्सो कोर्ट में चला. लंबे चले इस केस में कोर्ट ने बलात्कारी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई. सजा के साथ उस पर 180000 का जुर्माना भी लगाया गया. 

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य आगरा की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles