आगरा के पूर्व सपा महानगर अध्यक्ष की कोरोना से मौत, अखिलेश की कोशिशें हुईं नाकाम

संक्षेप:

  • आगरा के पूर्व सपा महानगर अध्यक्ष की मौत
  • कोविड अस्पताल में उपचार के दौरान गई जान
  • जान बचाने के लिए अखिलेश की कोशिशें हुईं नाकाम

आगरा । कोरोना काल में आम आदमी से लेकर नेता तक सब संक्रमित हो रहे हैं. और कई की तो इस बीमारी के चलते जान भी चली गई है. उन्हीं में से एक हैं आगरा में समाजवादी पार्टी के पांच बार महानगर अध्यक्ष रहे रईसउद्दीन जिनकी शुक्रवार सुबह निजी कोविड अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह कोरोना संक्रमित थे। बेहतर उपचार नहीं मिलने पर रईसुद्दीन के पुत्र रिजवान ने पिता को बचाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मदद मांगी थी।
 
अखिलेश यादव ने की थी मदद

अखिलेश यादव और महासचिव रामगोपाल यादव ने जिलाधिकारी से बात कर उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया था। परंतु पूर्व मुख्यमंत्री के प्रयासों के बावजूद पूर्व अध्यक्ष को नहीं बचाया जा सका। उनके निधन पर सपा ही नहीं, दूसरे तमाम संगठनों ने भी शोक व्यक्त किया है।
 
कोरेाना संक्रमित होने और सांस लेने में तकलीफ के बाद कराया भर्ती

रईसउद्दीन को पिछले दिनों कोरेाना संक्रमित होने और सांस लेने में तकलीफ होने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनकी हालात में ज्यादा सुधार नहीं दिखा तो सपा मुखिया अखिलेश यादव के प्रयासों से उन्हें सिकंदरा क्षेत्र स्थित एक अन्य निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। यहां उनकी हालात में सुधार नहीं हुआ। गुरुवार रात अचानक फिर से उनकी तबियत बिगड़ गई। तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया। 
 
महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार ने शोक जताया

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महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रईसउद्दीन पार्टी के पुराने और वरिष्ठ नेता थे। हमेशा पार्टी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। हर समाज और हर वर्ग में उनकी अपनी अलग पहचान थी। जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल का कहना है कि पार्टी को हमेशा उनकी कमी खलेगी।

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