ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले, 'संकट के दौर से गुजर रही है कांग्रेस, लेकिन ये कुछ दिनों की बात है'

संक्षेप:

  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि वर्तमान समय में कांग्रेस संकट के दौर से गुजर रही है.
  • उन्होंने कहा कि हालात कठिन हैं, लेकिन यह सब, कुछ दिनों की बात है
  • देश की सबसे पुरानी पार्टी इस संकट से उबर जाएगी. जल्द ही पार्टी को नया अध्यक्ष मिलेगा.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि वर्तमान समय में कांग्रेस संकट के दौर से गुजर रही है. उन्होंने कहा कि हालात कठिन हैं, लेकिन यह सब, कुछ दिनों की बात है. देश की सबसे पुरानी पार्टी इस संकट से उबर जाएगी. जल्द ही पार्टी को नया अध्यक्ष मिलेगा.

गुरुवार (11 जुलाई) को लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद पहली बार एमपी की राजधानी भोपाल पहुंचे, जहां पर एयरपोर्ट पर मीडिया ने उनसे सवाल किये, जिसके जवाब में उन्होंने ये बातें कहीं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को नए अध्यक्ष की खोज करनी होगी. उन्होंने कहा कि मैं सत्ता की दौड़ में कभी नहीं रहा. कुर्सी और सत्ता के लिए मैं कभी न मारूंगा और न लड़ूंगा.

कैबिनेट में सिंधिया गुटा के मंत्रियों के टकराव के सवाल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ये हर परिवार में होता है. यह एक स्वस्थ्य परंपरा है. इससे प्रजातंत्र को कोई हानि नहीं है. प्रजातंत्र और मजबूत होगा.ब्यूरोक्रेसी हावी होने के सवाल उन्होंने कहा कि न मंत्री ऊपर, न ब्यूरोक्रेसी ऊपर, सबको टीम भावना से काम करना ही होगा, तभी सरकार सफल होगी.

ये भी पढ़े : सलमान खुर्शीद बोले- चुनाव जीतना तो दूर, कांग्रेस अपना भविष्य तक नहीं कर सकती तय


किसान कर्ज माफी के सवाल पर सिंधिया ने कहा कि मैं वादा करता हूं कि 55 लाख किसानों में से एक भी किसान का कर्ज माफ नहीं हुआ तो मैं खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके हक की लड़ाई लड़ूंगा. हमने 10 दिन में कर्ज माफी के आदेश जारी करने का वचन दिया था. हमने 6 घंटे में आदेश जारी किए. BJP गलत प्रचारित कर रही है.

वंशवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंधिया ने कहा कि हर क्षेत्र में वंशवाद है, पत्रकारिता में, मेडिकल में, वकालत में, व्यापार में, तो राजनीति में क्यों नहीं. जनता ने वंशवाद वालों को जिताया और कई वंशवाद वालों को हराया भी, उनमें एक मैं भी हूं.

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.