ताइवान के सहयोग से अलीगढ़ में इंटेलीजेंट लॉक्स बनाने की तैयारी

संक्षेप:

  • दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की तैयारी में तालानगरी।
  • पारंपरिक तालों के साथ ही ताइवान से तकनीकी सहयोग लेकर इंटेलीजेंट लॉक्स बनाने की तैयारी।
  • 25 नवंबर को अलीगढ़ आ रहे है ताइवान एक्सपोर्ट डेवलपमेंट काउंसिल के प्रबंधक।

अलीगढ़- तालानगरी के ताला उद्यमी दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की तैयारी में हैं। पारंपरिक तालों के साथ ही वह ताइवान से तकनीकी सहयोग लेकर इंटेलीजेंट लॉक्स बनाने की तैयारी में हैं। तकनीकी सहयोग एवं पार्टनरशिप की संभावना तलाशने ताइवान एक्सपोर्ट डेवलपमेंट काउंसिल के प्रबंधक जयसन लिन एक प्रतिनिधिमंडल के साथ 25 नवंबर को अलीगढ़ आ रहे हैं।

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के चेयरमैन शलभ जिंदल, सचिव मनीष बंसल, फैलिसिटेशन काउंसिल के सदस्य मनोज कुमार अग्रवाल, आलोक झा एवं मधुकेश जिंदल ने पत्रकारों को बताया कि आईआईए के प्रयास से ताइवान से एक प्रतिनिधिमंडल 25 नवंबर को अलीगढ़ आ रहा है। इस प्रतिनिधि मंडल में ताइवान एक्सपोर्ट डेवलपमेंट काउंसिल (ट्रैटा) के प्रबंधक जयसन लिन, काउंसिल के प्रोजेक्ट मैनेजर शफी अहमद एवं आईआईए की अंतरराष्ट्रीय अफेयर्स की चेयरपर्सन रेखा शर्मा शामिल हैं। ट्रैटा के पदाधिकारी यहां के ताला एवं हार्डवेयर उद्यमियों से बातचीत करेंगे। कुछ कारखानों का भ्रमण करेेंगे।

पदाधिकारियों ने बताया कि ताइवान से आधुनिक तकनीक प्राप्त होने की उम्मीद है। खासकर इंटेलीजेंट लॉक्स बनाने में तकनीकी मदद की उम्मीद है। सबकुछ ठीक रहा तो अलीगढ़ में वर्ल्ड क्लास का ताला एवं हार्डवेयर का उत्पादन शुरू होगा। आयात तो कम होगा ही, निर्यात में भी वृद्धि होगी। दुनिया आज इंटेलीजेंट लॉक्स की दीवानी है। उद्यमियों ने बताया कि ताइवान से तकनीक एवं पार्टनरशिप का सहयोग प्राप्त होता है तो यहां के ताला एवं हार्डवेयर इंडस्ट्री में क्रांति आ जाएगी और हमलोग वैश्विक बाजार में इटली, जर्मनी, चीन, जापान और मलेशिया से टक्कर लेंगे। उन्होंने कहा कि आज सेमी कंडक्टर की वजह से भारत ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े देश वाहनों का आर्डर पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ताइवान सेमी कंडक्टर बनाने में मास्टर है। रक्षा उपकरण व मशीनों के अपग्रेडेशन में भी ताइवान से सहयोग लेने की कोशिश होगी।

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इंटेलीजेंट लॉक्स के ये हैं फायदे
भारत सहित वैश्विक बाजार में आज इंटेलीजेंट लॉक की जबर्दस्त मांग है। इसके बहुत फायदे भी हैं। पारंपरिक डोर लॉक की तुलना में इंटेलीजेंट लॉक सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर हैं। यह कुंजियों के बदले फिंगरप्रिंट, पासवर्ड और मोबाइल फोन से खुलेगा। आप कहीं से भी इसे संचालित कर सकते हैं। अवांछित तत्व दरवाजा खोलने का प्रयास कर गलत पासवर्ड डालेंगे तो आपके मोबाइल पर अलर्ट मैसेज आएगा, जिससे आप सावधान हो सकते हैं। नकली चॉबी बनाकर खोलने का खतरा भी नहीं है। उपयोग में स्मार्ट एवं सुविधाजनक है। वैश्विक बाजार में इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है।

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