पूर्व ब्लॉक प्रमुख मौत का मामलाः पंचनामा में देरी के लिए पोस्टमार्टम केंद्र पर सियासी बवाल ‘जिम्मेदार’

संक्षेप:

  • जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल ऋषि शर्मा की पत्नी रेनू शर्मा की शुक्रवार रात मौत।
  • शनिवार को दिन भर हुए सियासी बवाल को पंचनामा में देरी का ‘जिम्मेदार’ माना गया
  • परिवार ने ऋषि व बड़े बेटे की पैरोल की मांग उठाई।

अलीगढ़- जहरीली शराब कांड में जेल गईं जवां की पूर्व ब्लॉक प्रमुख रेनू शर्मा की शुक्रवार रात मौत के बाद शनिवार को दिन भर हुए सियासी बवाल को पंचनामा में देरी का ‘जिम्मेदार’ माना गया है। इसे लेकर पुलिस स्तर से सिविल लाइंस की जीडी में तस्करा दर्ज किया गया है, जिसमें कुछ विपक्षियों द्वारा परिवार को उकसाकर पंचनामा की प्रक्रिया में देरी कराई गई।

जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल ऋषि शर्मा की पत्नी रेनू शर्मा की शुक्रवार रात मौत हो गई थी। हालांकि, उसी समय परिवार ने ऋषि व बड़े बेटे की पैरोल की मांग उठाई थी, जिस पर रात में तय हुआ था कि न्यायालय में आवेदन कर पैरोल कराई जाएगी। इसके बाद परिवार के लोग पोस्टमार्टम केंद्र पर मौजूद थे। शनिवार सुबह विपक्षी दलों के नेताओं का वहां पहुंचना शुरू हो गया, जिनमें बसपा के बरौली प्रत्याशी नरेंद्र शर्मा व बुलंदशहर के पूर्व विधायक सपा नेता गुड्डू पंडित आदि सहित तमाम स्थानीय नेता शामिल रहे। पहले नरेंद्र शर्मा परिवार को लेकर धरने पर बैठ गए। फिर गुड्डू पंडित भी इसमें शामिल हो गए। इन लोगों ने यह एलान कर दिया कि जब तक पैरोल नहीं, तब तक पंचनामा पर परिवार का कोई पंच हस्ताक्षर नहीं करेगा। हालांकि, पुलिस प्रशासन लगातार समझाता रहा कि न्यायालय में प्रयास जारी हैं। हंगामा, धरना या पुलिस प्रशासन विरोधी नारेबाजी की कोई जरूरत नहीं है। इस मामले ने उस समय और तूल पकड़ा, जब न्यायालय से पैरोल अर्जी खारिज हो गई। बाद में किसी तरह कुछ क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने बेटे संग जेल में ऋषि शर्मा से मुलाकात की। तब जाकर शाम छह बजे के बाद पंचनामा पर सहमति बनी। इसको लेकर दिन भर पोस्टमार्टम केंद्र से लेकर जवां तक सियासी तनाव बना रहा और माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा।

इसे लेकर इंस्पेक्टर सिविल लाइंस हरिशंकर वर्मा की ओर से थाने की जीडी में पूरे घटनाक्रम का तस्करा दर्ज किया गया है, जिसमें इन विपक्षी दलों के नेताओं पर परिवार को उकसाने, इनके इसी प्रयास की वजह से पंचनामा की कार्यवाही में देरी होने का उल्लेख किया है।

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विपक्ष ने बनाई सत्ता पक्ष को घेरने की योजना
अलीगढ़। यूपी में चुनावी सरगर्मियां जोरों पर हैं। इसी दौर में हर स्तर पर हर दल के द्वारा चुनावी मुद्दे तलाशे जा रहे हैं। शुक्रवार रात जेल में रेनू शर्मा की मौत के बाद शनिवार को सभी विपक्षी दल एकजुट हुए। परिवार के प्रति संवेदना के साथ-साथ सत्ता पक्ष को घेरने की भी तैयारी थी। इसी तैयारी का परिणाम था कि बसपा से ब्राह्मण नेता नरेंद्र शर्मा व सपा से भी ब्राह्मण नेता गुड्डू पंडित ने कमान संभाली। बात केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच रही थी। मगर शाम होते होते परिवार के कदम के बाद यह संभव नहीं हो पाया। इसी का परिणाम था कि पोस्टमार्टम केंद्र पर टैंट के इंतजाम के साथ भीड़ जमा करने की भी तैयारी हो चुकी थी।

यह सामान्य प्रक्रिया है। किसी भी इस तरह के घटनाक्रम का जीडी तस्करा दर्ज किया जाता है। चूंकि, पोस्टमार्टम केंद्र पर कानून व्यवस्था बड़ा विषय था। वहां दिन भर घटनाक्रम होता रहा। इसलिए इस घटनाक्रम का पूरा विवरण जीडी दर्ज किया गया है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी

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