3 शादी कर चुकी महिला के चक्कर में पड़ कर युवक ने कर दी मां की हत्या, फिर दी मुखाग्नि, पिता दिखा रहे सहानुभूति

संक्षेप:

शनिवार शाम जब पुलिस ने योगेश को लेने उसके घर गई और बताया कि योगेश को पूछताछ के लिए थाने ले जाना है तो पिता ने पुलिस से कहा कि अगर इसका कोई दोष हो तो इसे बख्श देना। मगर पुलिस चुपचाप उसे ले आई।

अलीगढ़। अलीगढ़ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है। दरअसल जिसने नौ महीने अपनी कोख में पाला और फिर 24 साल पालकर बड़ा किया। उसी ने अपने अंधे प्यार की खातिर घर में लूट व मां के कत्ल की वारदात को अंजाम दिया।

इतना ही नहीं, खुद ही मां के शव को मुखाग्नि दी। जब पिता को यह पता चला कि बेटा ही अपनी मां का कातिल है तो उसने बेटे के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए पुलिस से दबी जुबां में उसे जेल न भेजने का अनुरोध भी किया। मगर, पुलिस ने पिता की इस दबी जुबां की सहानुभूति को नजरंदाज कर अपना काम पूरा किया। शायद यही वजह है कि 24 घंटे में हुए इस खुलासे की जहां प्रशंसा हो रही है। वहीं, युवा वर्ग में फैल रही कुरीतियों की भी खूब चर्चा हो रही हैं।

शनिवार शाम जब पुलिस ने योगेश को लेने उसके घर गई और बताया कि योगेश को पूछताछ के लिए थाने ले जाना है तो पिता ने पुलिस से कहा कि अगर इसका कोई दोष हो तो इसे बख्श देना। मगर पुलिस चुपचाप उसे ले आई। जैसे ही गाड़ी में बैठाया और उससे पुलिस ने तल्ख लहजे में बातचीत शुरू की तो वह तोते की तरह बोलना शुरू हो गया। इसके बाद उससे एकांत में पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की तो उसने पूरा वाकया इस तरह बताया।

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पुलिस पूछताछ में योगेश ने बताया कि टीकाराम स्कूल के पास गारमेंट्स की दुकान चलाने वाली युवती सोनम उर्फ चित्रा से कपड़ा खरीदते समय उसकी नजदीकियां हो गई थीं। उसे पता था कि वह शादीशुदा है। रेलवे रोड पर गारमेंट्स की दुकान चलाने वाला विहान अरोरा उसका पति है। मगर सोनम ने उसे बताया कि पति उसे पीटता है। दोनों में इस कदर नजदीकियां हो गईं कि योगेश उसका खर्चा उठाने लगा और उसने विहान से दूरी बना ली।

बाद में योगेश ने उसे रामघाट रोड पर मॉल के सामने मकान किराये पर दिलवा दिया और छह माह पूर्व कोर्ट मैरिज कर ली। दोस्तों की मदद से जब यह खबर उसके मां-पिता को लगी तो वे नाराज हुए और योगेश को घर से निकाल दिया। घर से निकाले जाने के बाद उसका हाथ तंग रहने लगा। हालांकि, बीच-बीच में वह घर जाकर मां से लड़ झगड़कर रुपये ले आता था।

इसी बीच उसके पुराने दोस्त उससे हाथ खींचने लगे, जबकि जिम साथ करने वाले दोस्त तनुज ने मदद करना शुरू कर दिया। तनुज चूंकि एक बड़े शराब व्यापारी का बेटा है। इसलिए उसके पास रुपयों की कमी नहीं थी। लगातार छह माह तक सब ठीक चलता रहा। इसी बीच तनुज ने योगेश के सामने खुद की प्रेमिका शेहजल उर्फ रिनी से शादी का प्रस्ताव रखा। इसके लिए रुपयों की जरूरत सामने आई तो दोनों दोस्तों और दोनों की प्रेमिकाओं ने घर जेवरात लाने का प्रस्ताव उसके सामने रखा। उस समय प्रस्ताव में यही बात कही गई कि जैसे लड़ झगड़ कर रुपये लाता है, ऐसे ही जेवरात ले आएगा तो एक बार में काम बन जाएगा। मां किसी से कुछ कहेगी भी नहीं। इस बात पर सहमति बन गई।

इस योजना के तहत 9 तारीख को अपनी मां से मिलने घर गया। उस समय भी तनुज साथ था। उस दिन उसने मां से रुपयों के लिए झगड़ा किया। कहा कि उसकी बीवी तीन माह की गर्भवती है। उसे रुपयों की जरूरत है। मगर, मां ने साफ कह दिया था कि वह किसी विवाहिता को अपनी बहू नहीं बना सकती। उस समय वह वहां से चला गया।

इसी बीच तनुज की प्रेमिका रिनी की बड़ी बहन इंदौर में नौकरी करती है। उसने 17 फरवरी की शाम की मथुरा से इंदौर की चारों की ट्रेन की टिकट करा दीं। यह तय हुआ कि 17 को दिन में वारदात को अंजाम देकर वे लोग मथुरा से इंदौर चले जाएंगे। किसी को पता नहीं चलेगा। मगर गर्भवती सोनम की तबियत बिगड़ने के कारण योजना टल गई।

योगेश के अनुसार फिर तय किया कि 19 को वारदात कर चले जाएंगे। इस योजना के तहत वह सोनम को डॉक्टर के यहां छोड़कर अपने घर पहुंचा। तयशुदा प्लानिंग के तहत बाइक पर तनुज व रिनी भी पहुंच गए। योगेश व तनुज के अंदर घुसते ही मां ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर योगेश तो तिजोरी वाले कमरे में चला गया और तनुज उसकी मां से उलझता रहा। विरोध बढ़ता देख योगेश के इशारे पर तनुज ने साड़ी से गला घोंटकर मां का हत्या कर दी और शव को बाथरूम में बंद कर भ्रमित करने के इरादे से गैस पाइप काट वहां से निकल लिए। वारदात के बाद योगेश व तनुज अपनी अपनी बाइकों से निकल गए, जबकि रिनी ऑटो में बैठकर अपने घर चली गई।

पुलिस ने जब सीसीटीवी खंगालना शुरू किया तो गली से लेकर क्वार्सी चौराहे तक के 50 करीब सीसीटीवी खंगालने पर अपाचे बाइक पर दो युवक गली से निकलने से लेकर ग्लोबल रेजीडेंसी तक कैद पाए गए, जिसके चलते पुलिस की टीम भ्रमित हो गई। उन्हें खोजना शुरू कर दिया। मगर जैसे ही शनिवार सुबह योगेश के मोबाइल की शुक्रवार की लोकेशन मिली तो पुलिस का माथा ठनक गया। फिर नए सिरे से सीसीटीवी देखे तो बाइक पर एक युवक युवती आते समय कैद और जाते समय अलग-अलग बाइकों पर दो युवक कैद मिले। युवती इस बार ऑटो से जाती दिखी। वहीं से टीम योगेश पर केंद्रित हो गई।

ये हैं तीनों अन्य आरोपियों का प्रोफाइल

- पहले तीन शादियां कर चुकी सोनम:-पुलिस जांच में सामने आया और खुद सोनम ने स्वीकारा कि वह मूल रूप से बुलंदशहर की रहने वाली है। मां के साथ काफी समय पहले नगला मसानी अपनी ननिहाल में आकर बस गई। यहां प्राइवेट नौकरी करते करते पहले उसने एक मुस्लिम युवक से, फिर एक अन्य और और तीसरी शादी गारमेंट दुकान संचालक से की। अब चौथी शादी योगेश से की और तीन माह की गर्भवती है। उसने बीयूएमएस की पढ़ाई भी की है।

- बड़े शराब व्यापारी का बेटा है तनुज:-तनुज के पिता बुलदंशहर के रहने वाले हैं। मगर, खैर बाईपास पर बस गए हैं और शराब का बड़ा कारोबार है। बड़ा घर, कई गाड़ियां और तीन भाइयों में सबसे बड़ा पीसीएस की तैयारी कर रहा है। परिवार से एक व्यक्ति आईएएस भी है। पढ़ने लिखने के दौरान जिम करते करते योगेश से दोस्ती हो गई। जब पुलिस उसके घर पहुंची तो तनुज व उसके परिवार ने पुलिस को रॉब दिखाकर लौटाने का प्रयास किया। मगर पुलिस की सख्ती के चलते एक न चली। वह बाइक लेकर भागने की तैयारी में था। मगर पकड़ लिया गया।

- रिनी के परिवार को नहीं, बेटी का ख्याल : जब पुलिस रिनी के घर पहुंची तो उन्हें यह नहीं मालूम कि बेटी कब कहां जाती है, किससे मिलती है। जब पुलिस ने परिवार को पूरी बात बताई तो परिवार चुप्पी साधे रहा और पुलिस उसे ले आई।

इस वारदात के खुलासे के बाद सराफ परिवार के पास पहुंचकर उनसे बातचीत की कोशिश की गई। मगर, पिता ने यह कहते हुए कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया कि अभी मानसिक दशा ठीक नहीं है। बहनें इस बात से रो-रोकर बेहाल थीं कि भाई ने मां की हत्या कर दी और अब वह जेल चला गया। इकलौते बेटे की इस करतूत पर परिवार कुछ नहीं बोल रहा था। आसपास मोहल्ले के लोग जरूर यह कहते देखे गए कि ऐसे बेटे से तो न होना ठीक है। जिसे सब दिया, उसने सब छीन लिया।

कुलदीप के साथ यह पिछले कुछ सालों में लूट की तीसरी वारदात हुई है। वर्ष 2017 की लूट में उन्हें गोली लगी थी। माल भी गया था। उस समय भी उन्होंने अलीगढ़ पुलिस को ज्यादा माल न जाने की जानकारी दी थी। बाद में बुलंदशहर में मुठभेड़ में बदमाश मारे जाने और कुछ के पकड़े जाने पर स्पष्ट जानकारी हुई। पिछले साल भी उनकी आंखों में मिर्च झोंककर कुछ लूट को अंजाम दिया गया था। उस वारदात को पुलिस तक बताने के बजाय पर्दा डाल दिया था। इन वजहों को देखकर ही बेटे ने यह दुस्साहस किया। उसे उम्मीद थी कि पिता ज्यादा शोर नहीं मचाएंगे। मगर उसे यह अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा कांड हो जाएगा। उस बुलंदशहर के एसएसपी मुनिराज जी ही थे।

इस खुलासे पर सेंटर प्वाइंट व्यापार मंडल के अध्यक्ष विवेक बगाई ने एसएसपी सहित पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस खुलासे पर पुलिस टीम का सम्मान किया जाएगा।

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