किसान रेल रोको आंदोलन: ट्रेन नहीं थी तो ट्रैक पर आए किसान, ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन-नारेबाजी

संक्षेप:

  • अलीगढ़ स्टेशन पर मेन डाउन लाइन पर बैठकर प्रदर्शन।
  • जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सख्ती ने भी दिखाया खासा असर।
  • जिले की सीमा में कहीं भी ट्रेनों को रोका नहीं जा सका।

अलीगढ़- किसान संगठनों के आह्वान पर रेल रोको आंदोलन अलीगढ़ में बारिश की भेंट चढ़ गया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सख्ती ने भी खासा असर दिखाया। इसलिए जिले की सीमा में कहीं भी ट्रेनों को रोका नहीं जा सका। भारतीय किसान यूनियन स्वराज के के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा की अगुवाई में अलीगढ़ स्टेशन पर मेन डाउन लाइन पर बैठकर प्रदर्शन किया गया।

स्वराज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगभग एक बजे रेलवे स्टेशन पहुंचे। इनकी तादाद तकरीबन 10-15 के आसपास थी। कुछ पुलिस बैरीकेडिंग के पास अधिकारियों से बात करने लगे तभी कुछ प्लेटफार्म पर आ गए। प्लेटफार्म नंबर दो से उतर कर जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा और एक अन्य कार्यकर्ता मेन डाउन रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। ये देख कर वहां पर मौजूद आरपीएफ कर्मियों ने उनको ट्रैक से उठा दिया। इस दौरान डाउन रूट पर कोई ट्रेन भी नहीं थी। इस दौरान कुछ लोगों ने नारेबाजी कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरोध में नारेबाजी की। लगभग 20 मिनट तक नारेबाजी करने के बाद किसानों ने दोपहर 1.20 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संबोधित मांग पत्र अपर नगर मजिस्ट्रेट अंजुम बी और सीओ प्रथम श्वेताभ पांडेय को दिया।

इस दौरान जीआरपी और आरपीएफ के इंस्पेक्टर के साथ तीन थानों का पुलिस फोर्स मौजूद रहा। यहां पर सिविल लाइंस इंस्पेक्टर वेदप्रकाश गिरि, देहलीगेट इंस्पेक्टर प्रमेंद्र कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौजूद थे। प्रवेश द्वार के पास ज्ञापन देने वाले किसानों ने मांग की है कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में आरोपी आशीष मिश्रा के पिता केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त किया जाए। तीनों नए कृषि कानून वापस लिए जाएं। न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करना बाध्यकारी हो। अलीगढ़ में एम्स की स्थापना हो और विद्युत बिल अधिनियम 2020 को खत्म किया जाए।

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किसान संगठनों के रेल रोको आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन ने पहले से ही मजिस्ट्रेट डय़ूटी लगा दी थी, इस कारण किसान ग्रामीण अंचलों के रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन नहीं कर पाए। हरदुआगंज, दाउद खां, मडराक, गभाना, महरावल आदि स्टेशनों पर मजिस्ट्रेट मय पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे।
चोट का बहाना कर पहुंचे थे जिलाध्यक्ष जितेंद्र
पुलिस की रोकटोक को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन स्वराज के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ट्रेन को रोकने के लिए चोटों का बहाना कर हाथ और सिर पर पट्टी लगा कर पहुंचे थे, लेकिन आरपीएफ के मुस्तैद सिपाहियों ने ट्रैक पर बैठते ही उनको वहां से उठा लिया।

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