चार महीने से निजी हॉस्पिटलों का नवीनीकरण व पंजीकरण अटका

संक्षेप:

  • शहर के 464 निजी हॉस्पिटलों एवं नर्सिंग होमों के नवीनीकरण एवं पंजीकरण के आवेदन।
  • इन आवेदनों पर विचार नहीं हुआ है।
  • इसको लेकर अस्पताल संचालकों में नाराजगी है।

अलीगढ़- शहर के 464 निजी हॉस्पिटलों एवं नर्सिंग होमों के नवीनीकरण एवं पंजीकरण के आवेदन स्वास्थ्य विभाग में पिछले चार महीनों से अटके हैं। इससे शहर के चिकित्सकों में नाराजगी है। इस पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता एवं सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय ने सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय से मुलाकात कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है। साथ ही कहा कि अगर नवीनीकरण एवं पंजीयन का काम नहीं हुआ तो शहर के चिकित्सक एवं पैथोलॉजी सेंटर काम बंद कर देंगे।

निजी हॉस्पिटलों के नवीनीकरण एवं पंजीकरण के लिए पांच जुलाई 2021 से लेकर अब तक 464 ऑनलाइन आवेदन आए हैं। अभी तक इन आवेदनों पर विचार नहीं हुआ है। इससे शहर के चिकित्सकों में गुस्सा है। अनावश्यक विलंब पर चिकित्सक सवाल उठा रहे हैं। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा हॉस्पिटल एवं नर्सिंग होम आदि की इन दिनों जांच भी कराई जा रही है। जांच के दौरान अधिकारी पंजीयन एवं नवीनीकरण से संबंधित दस्तावेज मांगते हैं, जो चिकित्सक उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। इसको लेकर अस्पताल संचालकों में नाराजगी है।

इस संबंध में शुक्रवार को सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय से आईएमए के अध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता एवं सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय मिले और समस्या का समाधान कराने की मांग की। आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि अगर नवीनीकरण एवं पंजीयन का काम नहीं हुआ तो शहर के चिकित्सक एवं पैथोलॉजी सेंटर काम बंद कर देंगे। डेंगू और बुखार के मौजूदा समय में प्राइवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम एवं लैब आदि बंद हो गए तो मरीजों की परेशानी बढ़ जाएगी। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि निजी हॉस्पिटलों के नवीनीकरण एवं पंजीयन से संबंधित कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दे दिया गया है।
आखिर क्यों हो रहा है विलंब
तीन-चार महीने पहले ऑनलाइन आवेदन आने के बावजूद नवीनीकरण व पंजीकरण का कार्य क्यों नहीं हुआ, इस सवाल का सटीक जवाब किसी के पास नहीं है। कुछ प्राइवेट चिकित्सक दबी जुबान भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहे हैं, जबकि कर्मचारियों कहना है कि इस अवधि में सीएमओ ऑफिस से 17 कर्मचारियों का दूसरी जगह तबादला हो गया। अगस्त एवं सितंबर में जनपद में वीआईपी मूवमेंट रहा। इसके अतिरिक्त अन्य कई अभियान चल रहे हैं। नवीनीकरण व पंजीयन के नोडल अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर को पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय का सीएमएस बना दिया गया है।
आवेदन के साथ अपलोड होते हैं कई प्रमाण पत्र
- डॉक्टर एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के कागजात
- हॉस्पिटल, नर्सिंग होम की लोकेशन
- स्थायी पता का प्रमाणपत्र
- बायो मेडिकल वेस्ट प्रमाण पत्र
- अग्निशमन रोधी यंत्र एवं उनके बिल
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रमाण पत्र

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