ओमिक्रॉन के खतरे के बीच संविदा कर्मियों की हड़ताल से टेंशन

संक्षेप:

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की हड़ताल।
  • डॉक्टर, एएनएम, स्टाफ नर्स और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ तथा आशाओं बहुओं के धरने में शामिल
  • जनपद की सभी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित।

अलीगढ़- उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की हड़ताल के कारण जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। डॉक्टर, एएनएम, स्टाफ नर्स और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ तथा आशाओं बहुओं के धरने में शामिल होने से अधिकारियों के माथे पर पसीना आ रहा है। सीएमओ एवं एसीएम ने आंदोलित संविदाकर्मियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन संविदा कर्मी हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हुए।

ओमिक्रॉन वेरिएंट देश में दस्तक दे चुका है। उसके खतरे के बीच संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए हैं। जनपद में एनएचएम के अंतर्गत करीब 950 से अधिक डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ काम कर रहा है। संघ के अध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह ने कहा कि सीएमओ एवं एसीएम प्रथम उन लोगों के बीच आए थे। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक धरना एवं कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर संघ के पदाधिकारी को बुलाकर अधिकारी बातचीत करें और मांगों से संबंधित निर्देश लिखित में दें, उसके बाद ही आंदोलन खत्म होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ अधिकारी भय दिखाकर एवं फूट डालकर धरने को खत्म कराना चाहते हैं, लेकिन वे लोग अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होंगे। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि संविदा कर्मियों की मांगें लखनऊ से संबंधित हैं। स्थानीय स्तर पर हमलोग कुछ नहीं कर सकते। धरने में डॉक्टर, एएनएम, स्टाफ नर्स, सामुदायिक स्वास्थ्य आफिसर, बीपीएम, फार्मेसिस्ट, बीसीपीएम, बीएएम और आशाएं शामिल हुईं।

धरने में ये रहे मौजूद
डॉ. अजीत सिंह, डॉ. राकेश कुमार, शुमायला तबस्सुम, डॉ. केसी भारद्वाज, शैलेंद्र, अनीस मलिक, पुष्पलता, दीपक कुमार, सुभाष, मुनेश कुमार, देवेश भास्कर, सत्यपाल शर्मा, सौरभ, रजिया खान, साधना, भूपेंद्र वर्मा, अंकुर सक्सेना आदि

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आंदोलन चलाने के लिए चंदा जमा कर रहे कर्मी
अलीगढ़। सीएमओ ऑफिस पर धरने पर बैठे संविदा कर्मियों को बारिश होने के कारण परेशानी हुई। संविदा कर्मी शुक्रवार से धरना स्थल पर टेंट लगाने पर विचार कर रहे हैं। धरना स्थल पर चंदे के लिए बॉक्स भी घुमाया जा रहा है। संविदाकर्मी अपनी इच्छा से उसमें सहयोग कर रहे हैं।

संविदा कर्मियों की प्रमुख मांगें
- विनियमितीकरण, समायोजन व असृजित पदों का विभाग में सृजन।
- वेतन पॉलिसी एवं वेतन विसंगति दूर करने।
- 7 वें वेतन आयोग का लाभ एवं जॉब सिक्योरिटी।
- रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण।
- आउटसोर्स नीति को समाप्त कर कर्मियों का समायोजन।
- बीमा पॉलिसी के अंतर्गत संविदा कर्मियों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने।
- आशा बहुओं को नियत मानदेय देने।

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