नामांकन पत्रों की जांच में 20 निरस्त, प्रत्याशियों का डीएम आवास पर हंगामा

संक्षेप:

  • खामियां मिलने पर 20 प्रत्याशियों के अरमानों पर पानी फिरा।
  • विधानसभा के प्रेक्षक व रिटर्निंग अफसर की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की जांच।
  • किसी ने शपथ पत्र जमा नहीं किए थे और कुछ के नामांकन पत्र आधे-अधूरे थे।

अलीगढ़- विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई। खामियां मिलने पर 20 प्रत्याशियों के अरमानों पर पानी फिर गया। संबंधित विधानसभा के प्रेक्षक व रिटर्निंग अफसर की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की जांच हुई। नामांकन पत्रों की जांच में पाया गया कि किसी प्रत्याशी ने प्रस्तावकों की संख्या पूरी नहीं की थी। किसी ने शपथ पत्र जमा नहीं किए थे और कुछ के नामांकन पत्र आधे-अधूरे थे। इसके चलते नामांकन पत्रों को निरस्त करने की कार्यवाही की गई है।

बरौली विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक छह नामांकन पत्र निरस्त किए गए हैं। इगलास से चार, शहर से तीन, कोल, खैर, अतरौली से दो -दो व छर्रा से एक नामांकन पत्र खारिज किया गया है। प्रत्याशियों ने बरौली की रिटर्निंग ऑफिसर व जिला प्रशासन पर गड़बड़ी कर नामांकन पत्रों को निरस्त करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद सभी प्रत्याशी डीएम आवास पर पहुंच गए। यहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही नारेबाजी शुरू कर दी। डीएम सेल्वा कुमारी जे. की कार के आगे राष्ट्रीय क्रांति पार्टी की प्रत्याशी शशि राजपूत लेट गईं। उन्हें बमुश्किल महिला पुलिस कर्मियों ने हटाया। बाद में हंगामा कर रहे प्रत्याशियों को अफसरों ने समझा- बुझाकर शांत कराया। हंगामा करने वालों के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में धारा 144 व महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

अब सातों विधान सभा क्षेत्रों में कुल 61 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। 27 जनवरी को नाम वापसी के बाद चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार वर्ष 2017 के सापेक्ष प्रत्याशियों की संख्या कम है। पिछली बार 97 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।

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