पटाखों की आवाज से फटे कान के परदे

शहर की फिजा सांस लेने लायक भी नहीं है।

वायु प्रदूषण में तो पिछले साल की तुलना में इस साल भारी इजाफा हुआ है।

वहीं दीपावली पर तेज आवाज के पटाखे इतने चले कि कई लोगों के कान के परदे फट गए।

दो लोग तो जेएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में उपचार कराने पहुंचे हैं।  विज्ञापन उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक रामगोपाल ने बताया कि पिछले साल की तुलना में वायु प्रदूषण में काफी इजाफा हुआ है।

हालांकि इसका एक प्रमुख कारण मौसम में नमी एवं ठंडक भी है।

नमी एवं ठंडक के कारण धुआं ऊपर नहीं गया है।

तुलनात्मक रूप से व्यवसायिक क्षेत्र सेंटर प्वाइंट पर ध्वनि प्रदूषण का स्तर पिछले साल की तुलना में अधिक रिकार्ड किया गया है।

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