खुशखबरी: तीर्थराज प्रयाग में आम भक्तों के लिए खुला रहेगा मूल अक्षयवट

संक्षेप:

  • मूल अक्षयवट के दर्शन अब बंद नहीं होंगे
  • इससे पहले कुंभ मेला के तहत 31 मार्च तक केलिए ही मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप को खोलने का निर्णय लिया गया था
  • सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कर सकेंगे दर्शन

इलाहाबाद: तीर्थराज प्रयाग में मूल अक्षयवट के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए खुशखबरी है. मूल अक्षयवट के दर्शन अब बंद नहीं होंगे. सरकार के आग्रह पर देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए मूल अक्षयवट को आगे भी खुला रखने के लिए अहम फैसला लिया गया है। सेना के साथ प्रशासन की उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस पर फैसला लिया गया है. इसी के साथ अक्षयवट को खोलने को लेकर बने असमंजस पर भी विराम लग गया है.

बता दें कि इससे पहले कुंभ मेला के तहत 31 मार्च तक केलिए ही मूल अक्षयवट और सरस्वती कूप को खोलने का निर्णय लिया गया था. प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर विचार-विमर्श केबाद शीर्ष स्तर पर मूल अक्षयवट को आगे भी लगातार खुला रखने का निर्णय ले लिया गया है. कुंभ के दौरान मूल अक्षयवट के दर्शन के लिए की गई व्यवस्थाएं यथावत बनी रहेंगी.

सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कर सकेंगे दर्शन

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सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक पूर्व की भांति श्रद्धालु मूल अक्षयवट व सरस्वती कूप के दर्शन कर सकेंगे. यह जानकारी मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने दी. उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्चस्तरीय निर्णय ले लिया गया है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री के एलान पर 450 वर्ष बाद खोले गए सनातनधर्मियों के इस अहम तीर्थ को कुंभ के बाद भी यथावत रखने पर अब तक संशय के बादल छाए हुए थे. कुंभ के दौरान प्रयागराज में हुई कैबिनेट की बैठक में मूल अक्षयवट को आम श्रद्धालुओं के लिए वर्ष पर्यंत खोलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया गया था.

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