इलाहाबाद के इस एक परिवार में है 66 वोटर, बड़े से बड़े नेता वोट के लिए आते हैं हाथ जोड़ने

संक्षेप:

  • परिवार के 8 लोग इस बार पहली बार वोट करने जा रहे हैं
  • परिवार में हर रोज खाने में 15 किलो चावल और 10 किलो आटा खर्च होता है
  • यह परिवार इलाहाबाद के भरैचा गांव में रहता है

इलाहाबाद: इलाहाबाद स्थित एक गांव में ऐसा परिवार रहता है जिसके पास क्षेत्र के बड़े से बड़े नेता भी वोट मांगने जाते हैं. लोकसभा का चुनाव हो या फिर विधानसभा या पंचायत का, जब-जब लोकतंत्र रूपी महापर्व आता है तो इस परिवार के दरवाजे पर नेताओं का तांता लग जाता है. एक नेता वोट देने की अपील कर जाते नहीं कि दूसरी पार्टी के प्रत्याशी वोट मांगने के लिए आ जाते हैं. एक शब्द में कहें तो पूरे चुनावी मौसम में इस परिवार के घर पर मेला लगा रहता है.

एक परिवार में 66 वोट

जी हां हम बात कर रहे हैं इलाहाबाद के भरैचा गांव के बारे में. इस गांव में राम नरेश रहते हैं. उनकी उम्र 98 साल है. खास बात यह है कि इनका परिवार 82 लोगों का सदस्य है. इनमें से 66 लोग इस बार वोट डालेंगे. कहा जाता है कि पूरे इलाहाबाद में राम नरेश का परिवार सबसे बड़ा है. इस परिवार के लोग आमतौर पर दोपहर का खाना खाने के बाद वोट डालने जाते हैं, क्योंकि गांव के ही प्राइमरी स्‍कूल में पोलिंग बूथ बनता है.

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परिवार के 8 लोग इस बार पहली बार वोट करने जा रहे हैं

राम नरेश के परिवार में आठ सदस्‍य पहली बार वोट करने वाले हैं. राम नरेश के पोते विपिन भी पहली बार वोट डालेंगे, इसलिए काफी उत्‍साहित हैं. विपिन का कहना है कि वे और उनके चचेरे भाई उनके परिवार से कॉलेज जाने वाले पहले सदस्‍य हैं. विपिन के चाचा यानि राम नरेश के बेटे राम हृदय का कहना है कि परिवार के दो सदस्‍य मुंबई की प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, लेकिन वोट डालने के लिए वे दोनों भी गांव आ जाते हैं.

परिवार में हर रोज खाने में 15 किलो चावल और 10 किलो आटा खर्च होता है

ओबीसी समुदाय से आने वाला यह परिवार खेती करके गुजर-बसर करता है. राम नरेश के परिवार में हर रोज 15 किलो चावल और 10 किलो गेहूं का आटा खर्च होता है. खास बात यह है कि पूरा परिवार एक साथ लाइन में लग कर वोटिंग करता है. वहीं, गांव वालों का कहना है कि जब यह पूरा परिवार वोटिंग करने के लिए एक साथ साथ घर से आता है तो देखने पर लगता है मानो मेला लग गया.

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