सुप्रीम कोर्ट के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी जताई ताडंव पर अपनी नाराजगी

संक्षेप:

  • वेब सीरीज तांडव पर इलाहाबाद हाइकोर्ट ने भी जताई नाराजगी
  • तांडव पर लटकी है बैन की तलवार
  • मेकर्स को नही मिली हाइकोर्ट से कोई राहत

प्रयागराज- एमेजॉन प्राइम पर रिलीज वेब सीरीज तांडव पर विवाद थमने का नाम नही ले रहे है। इस वेब सीरीज पर लोगों के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप है। ताडंव सीरीज को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसके बनाने वाले को फटकार लगा चुका है। अब इलाहाबाद हाइकोर्ट ने भी इस सीरीज पर अपनी नाराजगी जता दी है। इलाहबाद हाइकोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति के आजादी के नाम पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना किसी भी लिहाज से सही नही है।

कयास यह भी लगाए जा रहे है कि इस सीरीज को कहीं एमेजॉन पर बैन न करना पड़ जाए। आपकी जानकारी के लिए बतादें की इस सीरीज का निर्देशन अली अब्बास जफर ने किया है। यह सीरीज 15 जनवरी को एमेजॉन पर रिलीज हुई थी। यह सीरीज पॉलिटिकल ड्रामा पर आधारित है। इस सीरीज में यूनिवर्सिटी की प़लिटिक्स से लेकर दिल्ली सियासी दांव पेच सब कुछ है। इस सीरीज में ऐसे कई सीन्स है जो हिंदुत्व की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। इस सीरीज के के खिलाफ यूपी समेत देश के कई जगहों पर याजिकाएं दर्ज करायी जा चुकी है।

 इन्हीं याचिकाओं के संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को सभी मेकर्स को गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए यह भी कहा था कि आप ऐसा कंटेट ही क्यों बनाते है जिससे लोगों कि भावनाएं आहत हो। सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर इलाहाबाद हाइकोर्ट में याचिका दायर की गई पर यहां भी मेकर्स को कोई राहत नही मिली। केंद्र सरकार भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगातार विवादित कंटेट के प्रसार को रोकने के लिए एक अफसर की तैनाती करेगा।

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केंन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि यह ऑफिसर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक चीजों पर नजर बनाए रखेगा, और अगर किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कुछ आपत्तिजनक पाया जाएगा तो उसे 24 घंटे के भी भीतर वह सीन हटाना होगा। इस लिहाज से वेब सीरीज तांडव पर बैन कि तलवार लटकी हुई है।

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