सालों से मुलभूत सुविधाओं के लिए भटक रहा था बजरंगी, बेटे को खोने के बाद दी जा रही सारी सुविधाएं

संक्षेप:

  • सालों से नहीं मिली थी मुलभूत सुविधाएं।
  • बेटे को खोने के बाद दी मिल रही सारी सुविधाएं।
  • 36 घंटों में बनकर मिला राशन कार्ड। 

प्रयागराज. योजनाओं को लागू करने को लेकर प्रशासन के दावे कितने सच हैं इसका अनुमान बजरंगी की पीड़ा से लगाया जा सकता है। वह राशन कार्ड के लिए तीन साल से भटक रहा है। इस दौरान उसने तीन बार आवेदन भी किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब बेटे को खोने के बाद वही अफसर 36 घंटे में कार्ड जारी करने की कवायद में जुट गए हैं। इसके लिए परिवार का आधार कार्ड लेने के साथ आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दो साल पहले भरवाया गया था ऑनलाइन फार्म

बजरंगी ने बताया कि दो साल पहले गांव में कैंप लगाकर ऑनलाइन फार्म भरवाया गया था। इसके बाद डीहा गांव स्थित एक सहज जनसेवा केंद्र में जाकर राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था। प्रधान निर्मला देवी विश्वकर्मा ने बताया कि बजरंगी को राशन कार्ड के अलावा सार्वजनिक शौचालय दिलाने के लिए पिछले महीने ऑनलाइन आवेदन किया गया लेकिन अभी तक दोनों ही सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।

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दोबारा आवेदन के बावजूद नहीं मिला उज्ज्वला कनेक्शन

बजरंगी के अनुसार दो साल पहले उज्जवला योजना में उसकी मां चिरौजी देवी का नाम आया था लेकिन आधार तथा सूची में नाम में अंतर था। इसकी वजह से लाभ नहीं मिल सका। बताया कि दोबारा आवेदन किया लेकिन अभी तक उज्जवला कनेक्शन नहीं मिला।

बेटे को खोने के बाद अफसर दे रहे हैं ध्यान

हालांकि, अब अफसरों का ध्यान बजरंगी की तरफ गया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम के निर्देश पर कोटेदार ने राशन कार्ड के लिए परिवार वालों का आधार कार्ड ले लिया है। एक-दो दिनों में राशन कार्ड मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा एसडीएम की ओर से आवास, शौचालय समेत अन्य योजनाओं का लाभ दिए जाने के लिए भी प्रक्रिया शुरू की गई है।

आधार न होने से बड़ी बेटी को नहीं मिला दाखिला

बजरंगी यादव ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी रेखा 12 साल की है और इस बार कक्षा छह में गई है। गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय सेमरहा उपरहार में जब वह दाखिले के लिए गया तो आधार कार्ड मांगा गया। आधार कार्ड न होने के कारण उसे दाखिला नहीं दिया गया। अब शुक्रवार को विद्यालय की शिक्षक भी बजरंगी के घर पहुंची और बेटी को स्कूल भेजने की बात कही।

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