जानिए अक्षयवट को दर्शन के लिए खोलने के बाद क्या बोले सीएम योगी?

संक्षेप:

  • सीएम योगी पहुंचे प्रयागराज
  • अक्षय वट के किए दर्शन
  • जानिए क्या बोले

प्रयागराज: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज में पौराणिक महत्व के अक्षय वट के दर्शन के लिए अकबर के किले के द्वार खोल दिए. इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व अन्य मंत्री भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने अक्षयवट का दर्शन पूजन किया. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पन्द्रहवें अप्रवासी भारतीय सम्मेलन में आए प्रवासी कुम्भ में आयेंगे. ये अप्रवासी भारतीय टेंट सिटी में ही रुकेंगे.

उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में सबसे अच्छा जल संगम में है. पूरे आयोजन में इसी तरह स्वच्छ गंगा जल उपलब्ध होगा. गंगोत्री से लेकर प्रयागराज तक गंदे नालों को गंगा में गिरने से रोका गया है. श्रद्धालुओं के लिए अक्षयवट खुलने से गौरव की अनुभूति हो रही है.

इस दौरान सीएम योगी ने मीडिया सेंटर का उद्घाटन भी किया. सीएम योगी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े समागम को भव्य और दिव्य बनाने का प्रयास किया है. इस प्रयास में मीडिया का पूरा सहयोग मिला. मेला पूरी भव्यता और दिव्यता से आगे बढ़े, इसके लिए डेढ़ वर्ष पूर्व कार्ययोजना तैयार की गई थी.

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योगी ने कहा कि हजारों साल बाद प्रयागराज कुम्भ को वैश्विक मान्यता मिल रही है. 15 दिसम्बर को 71 देशों के राजनयिकों ने वैश्विक मान्यता दी. पहली बार कुम्भ मेले की शुरुआत गंगा मां की पूजा के साथ पीएम मोदी ने की. हमारी कोशिश है कि यह कुम्भ देश व दुनिया में स्वच्छ और सुरक्षित कुम्भ का संदेश दे सके.

उन्होंने कहा कि 450 वर्षों के बाद अक्षयवट और सरस्वती कूप श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है. केन्द्र और प्रदेश सरकार ने प्रयाग राज के विकास का कार्य किया है. इसमें जल, थल और नभ से आवागमन की सुविधा प्रदान की जा रही है. 15 फ्लाईओवर, अण्डर ब्रिज बने, 264 सड़कों का चौड़ीकरण हुआ है. चौराहों का भी चौड़ीकरण और सौन्दर्यीकरण किया गया है. मेला क्षेत्र का एरिया बढ़ाया गया है. 22 पान्टून ब्रिज बनाए गए हैं.

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का बेहतर प्रबन्ध किया गया है. स्वच्छता को लेकर एक लाख 22 हजार 500 पर्यावरण अनुकूल शौचालय बनाये गए. 20 हजार से ज्यादा डस्टबिन मेला क्षेत्र में रखे गए हैं. 10 हजार श्रद्धालुओं की क्षमता का गंगा पंडाल बनाया गया है. चार सांस्कृतिक पंडाल बनाये गए हैं. देश के 6 लाख गांवों का प्रतिनिधित्व कुम्भ में होगा.

सीएम ने बताया कि 20 हजार श्रद्धालुओं के मेला क्षेत्र में रुकने की व्यवस्था है. इसके अलावा 1300 हेक्टेयर में 94 पार्किंग स्थल बुनियादी सुविधाओं के साथ बनाये गए हैं. शटल बस सेवा और ई रिक्शा चलाई जा रही है. 1500 साइनेजेज कुम्भ मेले में लगाये जा रहे हैं.

यही नहीं कुम्भ के मद्देनजर प्रयागराज कई शहरों से हवाई सेवा से जुड़ा है. पहली बार पांच सौ से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरे मेला क्षेत्र में होंगे. पेंट माई सिटी में 15 लाख वर्ग फीट में दीवारें पेंट की गई हैं. कुम्भ मेले में 1100 सीसीटीवी लगाये गए हैं. इंटीग्रेटेड कमांड एंड कन्ट्रोल सेंटर बनाया गया है. पहली बार टेंट सिटी बसाई गई है.

सभी कार्यक्रम कुम्भ को स्वच्छ और सुरक्षित कुम्भ से दिव्य और भव्य कुम्भ की ओर ले जाएंगे. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद भी 17 जनवरी को कुम्भ मेले में आएंगे. राष्ट्रपति महर्षि भरद्वाज की प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे.

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