प्रयागराज में जब भेड़ों के झुंड में फंस गई प्रियंका गांधी

संक्षेप:

प्रियंका गांधी से रो-रोकर मछुआरों की महिलाएं बोलीं कि पुलिस ने घर में घुसकर औरतों बच्चों को भी पीटा और घरों में लगा दी। जेसीबी से उनकी नावों को तोड़ दिया। इससे उनके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।

प्रयागराज। प्रयागराज के यमुनापार बसवार गांव में रविवार को उस समय अफरा तफरी मच गई जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Vadra) के काफिले के बीच भेड़ों का एक झुंड घुस गया.

कांग्रेस नेता प्रियंका दरअसल उस दौरान यमुना नदी (Yamuna River) के किनारे अपने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ टूटी हुई नावें देखने पैदल जा रही थीं.

प्रियंका के काफिले में भेड़ों का झुंड घुसने पर भी काफिले की रफ्तार में कोई कमी नहीं आई. वहीं प्रियंका वाड्रा भी अपने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ घटनास्थल की ओर आगे बढ़ती रहीं.

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इस घटनाक्रम की वजह से स्थानीय चरवाहे गेंदा लाल पाल को कुछ परेशान महसूस हुई. उन्होंने तत्काल एक डंडे से भेड़ों को हांक कर बाहर निकालना शुरू किया तो फिर रास्ता साफ होने के बाद ही शांत हुए.

कांग्रेस पार्टी की नेता के मौके से रवाना होने के बाद बाद गेंदा लाल पाल ने बताया कि उन्हें कुछ देर पहले ही पता चला कि (दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी की पोती, प्रियंका गांधी यहां आई हैं. काफिले में भेड़ों के झुंड के घुसने के बारे में गेंदा लाल ने कहा, ` हमें तो सिर्फ इस बात का डर सता रहा था कि भीड़ के बीच कहीं हमारी कोई भेड़ कहीं खो ना जाए. लेकिन भगवान की कृपा से हमारी सभी 100 भेड़ें मिल गईं.`

प्रियंका गांधी ने इस दौरान नाविक समाज से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द बांटा. यमुना किनारे बसवार गांव पहुंचकर प्रियंका जमीन पर महिलाओं के बीच बैठ गईं. वह करीब डेढ़ घंटे तक नाविक परिवारों के बीच रहीं. वो रास्ते भर पीड़ित परिवारों से रुक-रुक कर मिलती रहीं.

प्रियंका गांधी से रो-रोकर मछुआरों की महिलाएं बोलीं कि पुलिस ने घर में घुसकर औरतों बच्चों को भी पीटा और घरों में लगा दी। जेसीबी से उनकी नावों को तोड़ दिया। इससे उनके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। पुलिस के डर से पुरुष सदस्यों के भाग जाने के कारण वह दाने-दाने के मोहताज हो गई हैं। घरों में चूल्हे नहीं जल रहे हैं। पुलिस उनके परिवार के पुरुषों को खोज रही है।

इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने योगी सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार में निषाद समुदाय का उत्पीड़न हो रहा है. प्रियंका ने कहा कि निषाद समुदाय के वोट से ही राज्य में और केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है. कांग्रेस महासचिव ने बसवार गांव में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नाविकों को उनके हक हुकूक से बेदखल कर रही है. पीड़ित मछुआरों की मांग पर प्रियंका ने उन्हें कानूनी मदद दिलाने का हरसंभव भरोसा दिया.

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि निषाद समाज की लड़ाई के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी. प्रियंका ने यमुना किनारे जाकर टूटी हुई नावों को भी देखा. इसके बाद उन्होंने पीड़ित मछुआरों से बातचीत कर दुख दर्द बांटने की कोशिश की. प्रियंका टूटी नावों तक गांव की निषाद महिलाओं के साथ पहुंचीं.

उन्होंने कहा कि निषाद समाज का जीवन नदियों से जुड़ा रहा है, इसलिए निषाद समाज नदियों का दर्द समझता है लेकिन भाजपा सरकार निषाद समाज को छोड़कर खनन माफियाओं के साथ है. कांग्रेस नेता ने कहा कि जैसे कुछ खरबपति मित्रों के लिए केंद्र की भाजपा सरकार ने काले कृषि कानून बनाए हैं, वैसे ही राज्य की भाजपा सरकार खनन माफियाओं के साथ हो गई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी निषादों के पट्टे की लड़ाई लड़ेगी और समाज को कानूनी मदद देगी.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनी तो नदी किनारे पट्टे का अधिकार निषाद समाज को दिया जाएगा. पार्टी विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि उनकी पार्टी सदन में बसवार की आवाज उठाएगी. प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता आराधना मिश्रा मोना, पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी और वरिष्ठ नेता अनुग्रह नारायण सिंह भी मौजूद थे. बसवार गांव से प्रियंका गांधी वाड्रा सीधे बमरौली एयरपोर्ट के लिए हुई रवाना हो गईं.

10 दिनों के अंदर प्रियंका गांधी का ये दूसरा प्रयागराज दौरा था. इस दौरान उन्होंने नाविक समाज के आंसू पोछने की कोशिश के बहाने निषाद वोटरों पर भी निशाना साधा. दरअसल, 4 फरवरी को अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने बसवार गांव में नाविकों की कई नावें तोड़ दी थीं. आरोप है कि इस दौरान महिलाओं पर लाठीचार्ज भी किया गया. इसी मामले में पुलिस ने नाविकों द्वारा विरोध करने पर दर्जनों लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था. प्रियंका गांधी उसी कार्रवाई का विरोध करने और नाविक समाज को अपना समर्थन व मदद देने पहुंची थीं.

राज्य में 2022 के शुरुआत में विधान सभा चुनाव होने हैं. लिहाजा, निषाद समाज पर डोरे डालने के लिए अखिलेश यादव भी इस गांव में अपनी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भेज चुके हैं. निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद भी पीड़ितों से मुलाकात कर चुके हैं.

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