कोरोना: प्रयागराज में कोरोना से मरने वालों की संख्या के ग्राफ में आई कमी

संक्षेप:

  • प्रयागराज में कोरोना का ग्राफ गया नीचें
  • कोरोना से मरने वालों की संख्या में भी आई कमी
  • एक दिन में 12 लोगों की गई कोरोना से जान

प्रयागराज- पहले दो दिन और अब हफ्ते में तीन दिन लगातार लॉकडाउन का असर दिखने लगा है। सोमवार को भी कोरोना मरीजों संख्या में कमी देखी गई। कुल 863 नए संक्रमित मिले हैं। मरने वालों की संख्या में भी कमी आई है। 12 लोगों की मौत हुई है जो रविवार के मुकाबले नौ कम है। 

कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि सोमवार को 11770 लोगों की कोरोना की जांच कराई गई। इसमें 599 लोग शहर में संक्रमित पाए गए जबकि 186 लोग ग्रामीण इलाकों से हैं। शहर में एंटीजन से 112 और ग्रामीण क्षेत्र में 82 पॉजिटिव मिले हैं। जबकि आरटीपीसीआर जांच में शहर में 487 और ग्रामीण क्षेत्रों में 104 लोग संक्रमित पाए गए हैं। सोमवार को 7001 लोगों की एंटीजन जांच हुई। 4249 लोगों की आरटीपीसीआर जांच हुई। इसके अलावा 239 की ट्र्ूनॉट से जांच हुई थी। पॉजिटिव पाए जाने वालों में कुछ लोगों को अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। जबकि बेड न मिलने की वजह से दो-तीन फीसदी लोगों को छोड़कर बाकी सब होम आइसोलेशन में ही हैं। 

 

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 जिले में लगातार संक्रमितों की संख्या में कमी आने की मुख्य वजह ट्रेसिंग बताई जा रही है। डॉ. ऋषि सहाय ने कहा कि पॉजिटिव आने वाले सभी सदस्यों और उनके अलग-बगल के घरों में रहने वाले लोगों की टेस्टिंग करवाकर अधिक से अधिक पॉजिटिव खोजे जा रहे हैं और आइसोलेट किए जा रहे हैं। 

कोरोना के संक्रमण से सोमवार को 1597 लोग मुक्त हुए हैं। इनमें से 61 लोगों को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, रेलवे हॉस्पिटल और निजी अस्पतालों से छुट्टी दी गई। 61 लोगों को छुट्टी दिए जाने के बाद उनकी जगह पर तुरंत नए मरीज भर्ती कर लिए गए। लेकिन, अभी तकरीबन डेढ़ हजार से लोग ऐसे होंगे जिन्हें अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत है लेकिन कोविड अस्पताल फुल होने से वे होम आइसोलेशन मेें रहने को मजबूर हैं। बेड के लिए लोगों ने कंट्रोल रूम से लेकर सीएमओ दफ्तर तक संपर्क किया। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली और जहां उनसे बन पड़ा सभी कोविड अस्पतालों को टटोला लेकिन कहीं सहारा नहीं मिला। अंत में ऑक्सीजन का इंतजाम कर घर में ही पड़े रहे और पता लगाते रहे कि कहीं अगर बेड खाली हो तो भर्ती हो सकें। 

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