चार वर्ष की बच्ची की हुई पेट से सर्जरी, खाने की थैली से निकला 400 ग्राम बालों का गुच्छा

संक्षेप:

  • छह डॉक्टरों की टीम ने की बच्ची की सर्जरी।
  • छोटी आंत में करीब दो फीट लंबी पूंछ की तरह भरा था बालों का गुच्छा।
  • वर्ल्ड मेडिकल जर्नल में दर्ज किया जाएगा यह केस।

प्रयागराज. पीडियाट्रिक सर्जन की टीम ने एक चार वर्षीय बच्ची का ऐसा ऑपरेशन किया, जिसको सुनने वाले हैरत में हैं। इस तरह की बीमारी के लक्षण और परेशानी मानसिक रोग ग्रसित वयस्क महिलाओं में पाई जाती है, लेकिन सामान्य कम उम्र की इस बच्ची में यह अनोखी बीमारी सामने आई। फिलहाल जटिल सर्जरी के बाद बच्ची स्वस्थ है। इस मामले को वर्ल्ड मेडिकल जर्नल में दर्ज कराने की तैयारी है।

करेली की रहने वाल चार वर्षीया अलीमा करीब दो वर्ष से पेट दर्द से परेशान थी। इन दिनों उसका पेट काफी फूल गया था। कई अस्पतालों में इलाज कराने के बाद वह किसी की सलाह पर वह टैगौर टाउन स्थित फिनिक्स हॉस्टिल परिजनों के साथ पहुंची। वहां पिडियाट्रिक सर्जन डॉ. धनेश अग्रहरि ने बच्ची की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन कराया तो पता चला कि खाने की थैली में बालों का गुच्छा भरा है। छोटी आंत में बाल करीब दो फीट लंबी पूंछ की तरह भरे हैं। दो स्थानों पर आंतों में छेद हो गए गए जिससे रुकावट हो गई थी। 

 

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डॉ. धनेश के मुताबिक एक सितंबर को गंभीर हालत में बच्ची को भर्ती कर पांच अन्य डॉक्टरों की टीम के साथ उसके पेट का ऑपरेशन किया। खाने की थैली खोली गई तो उसमें से करीब चार सौ ग्राम बालों का गुच्छा निकला। छोटी आंत से करीब दो फीट लंबी पूछ निकाली गई। फटी आंतों की सर्जरी की गई। दो हफ्ते की गहन देखभाल के बाद बच्ची शनिवार को डिस्चार्ज की गई। डॉ. धनेश के मुताबिक बच्ची ट्ररैकोविजोजिल विथ रिपुंजल सिंड्रोम नामक बीमारी से पीड़ित थी।

ट्ररैकोविजोजिल विथ रिपुंजल सिंड्रोम

यह एक मानसिक बीमारी है। जिसमें मानसिक रोग के पीड़ित महिलाएं अपने बाल नोंच कर खा लेती हैं। चूंकि बाल पचते नहीं सो वह पेट में एकत्र हो जाते हैं। यह बाल पेट में गुच्छे के रूप में होकर परेशानी बढ़ाते हैं। डॉ. धनेश का दावा है कि मेडिकल जर्नल में बिना मानसिक रोग ग्रसित किसी छोटी बच्ची का इस बीमारी से पीड़ित होने का मामला दर्ज नहीं है। संभवत: यह पहला और अनोखा मामला है। चार वर्ष की अलीमा देश, प्रदेश की नहीं दुनिया की सबसे कम उम्र की बच्ची है, जो मानसिक रूप से स्वस्थ है फिर भी वह ट्ररैकोविजोजिल विथ रिपुंजल सिंड्रोम से पीड़ित रही।

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