प्रयागराज कुंभ 2019: जूना अखाड़े ने गोल्डेन बाबा सहित 4 और बाबाओं को किया निष्कासित

संक्षेप:

  • प्रयागराज कुंभ 2019
  • गोल्डन बाबा को जूना अखाड़े ने निकाला
  • 4 और बाबाओं की छुट्टी

प्रयागराज: प्रयागराज कुंभ 2019 को शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं. इसके लिए सरकार के साथ-साथ संत भी अपनी तैयारी में लगे हैं. इसी क्रम में महंत गोल्डेन पुरी बाबा को श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े ने निष्कासित कर दिया है.

गोल्डेन बाबा पर अखाड़े के संविधान के उल्लंघन का आरोप लगा है. यह भी आरोप है कि उन्होंने मेले के आला अधिकारियों के साथ गलत शब्दों का प्रयोग किया.

अखाड़े के पांच प्रमुख पदाधिकारियों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है, जिसमें प्रमुख रूप से रमता पंच के महंत गोल्डन पुरी श्री महंत देवेंद्र पुरी, श्री महंत थानापति शिव ओम पुरी थाना पति मनोहर पुरी और सन्यासिनी श्री महंत पूजा पुरी को अनुशासनहीनता के आरोप में जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया है.

ये भी पढ़े : ED ने कोर्ट में कहा- जांच में सहयोग नहीं कर रहे रॉबर्ट वाड्रा, हिरासत में लेकर करना चाहते हैं पूछताछ


गोल्डेन बाबा पर धोखाधड़ी और मेले में पुलिसकर्मियों को हरिद्वार ले जाने के लिए धमकाने का आरोप लगा है. संतों की महासभा ने रविवार को गोल्डेन बाबा को अखाड़े से निष्कासन की कार्रवाई की है. इसके बाद मणियों के संतों-महंतों सहित सभी मणियों के 52 साधु-संतों में से दो तिहाई से ज्यादा के अनुमोदन के बाद पांच महंत पदाधिकारियों के अधिकार वापस लेते हुए अखाड़े से अलग करने का फैसला किया है.

जानिए कौन है गोल्डेन बाबा?

नाम- सुधीर कुमार मक्कड़ उर्फ गोल्डन बाबा 
उम्र- 56 साल
पहचान- महंत, पंचदशनाम जूना अखाड़ा, बरेली, अब निष्कासित

बाबा की जिंदगी विरोधाभास का कितना बड़ा पिटारा है, ये बाबा की ये पहचान ही अपने-आप बता देती है. कहने को तो बाबा महंत हैं, अखाड़ा चलाते हैं. संतों की जिंदगी जीते हैं. लेकिन इन बाबा का भी एक अतीत है. ये अतीत बाबा के उस व्यापार का है. जिसकी आड़ में गुनाह करने का. लेकिन ये शायद बाबा की खासियत ही है कि बाबा ने सिर्फ गुनाह किया ही नहीं, खुले दिल से कुबूला भी. बाबा पूर्वी दिल्ली के पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं. हिस्ट्रीशीट बोले तो थाने में खोला गया बाबा के नाम का वो बही-खाता जिसमें उनके तमाम छोटे-बड़े गुनाहों का पूरा हिसाब-किताब दर्ज हैं. और किसी भी शख्स के नाम पुलिस हिस्ट्रीशीटर तभी तैयार करती है, जब पुलिस को ये यकीन हो जाता है कि ये शख्स सुधर नहीं सकता और ये शख्स के आदतन अपराधी है. यानी पेशेवर गुनहगार और इत्तेफाक से अपने गोल्डन बाबा के साथ भी कुछ ऐसी ही बात है.

वैसे भी बाबा गुनाहों की दुनिया में कैसी ठौर रखते हैं, इसका अंदाजा बस इसी एक बात से लग जाता है कि इस वक्त भी बाबा के खिलाफ हर तरह गुनाहों के तकरीबन तीन दर्जन मुकदमे अलग-अलग अदालतों में चल रहे हैं और इन मुकदमों में अपहरण, फिरौती, जबरन वसूली, मारपीट, जान से मारने की धमकी जैसे तमाम छोटे-बड़े गुनाह शामिल हैं. आज गोल्डन बाबा बेशक अपने जिस्म पर करोड़ों के जेवर लाद कर घूमते हों, हर ऊंगली पर सोने की अंगूठियां पहनते हों और कभी-कभी सोने की शर्ट से भी अपना मन बहलाते हों, लेकिन गोल्डन बाबा ने भी कभी फाका किया करते थे. ऐसे में ये समझना मुश्किल नहीं है कि कौड़ियों से शुरू कर करोड़ों में खेलने तक के बाबा के सफर में बाबा ने कैसे-कैसे गुल खिलाए होंगे और कैसे इतनी दौलत इकट्ठा की होगी.

दरअसल, बाबा पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर इलाके के रहनेवाले हैं, उसी गांधीनगर के जहां कपड़ों का अच्छा काम है और कभी बाबा गांधी नगर के इसी कपड़ा मार्केट की एक मामूली सी दर्जी हुआ करते थे. लेकिन बाबा को जानने वाले लोग बताते हैं कि बाबा के अरमान शुरू से ही काफी बड़े थे. जल्द ही बाबा ने बाबा ने ट्रैक चैंज कर लिया कुछ दिनों तक प्रॉपर्टी काम भी करते रहे. लेकिन इसी बीच एक रोज बाबा अंतर्ध्यान हो गए और सीधे हरिद्वार में जा बसे. फिर जब वहां से लौटे तो बाबा का नया अवतार सामने आ चुका था. अब धंधा पानी छोड़ कर बाबा का मन बाबागिरी में लग चुका था. बाबा ने गांधीनगर में मंदिर बनवा लिया और धीरे-धीरे इसे आश्रम में बदल कर खुद इसके महंत बन बैठे. लेकिन महंत बनने के बावजूद सोने की चमक बाबा को लुभाती रही. बाबा आश्रम के लिए दान भी लेते तो सोने की शक्ल में, और कुछ इसी तरह बाबा ने इतना सोना बटोरा कि इस सोने ने रातों-रात बाबा को गोल्डन बाबा बना दिया.

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Allahabad News In Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के
लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles