पूर्व सासंद के बेटे पर पुलिस ने लगाया 25 हजार का इनाम, पांच करोड़ रुपये रंगदारी के मामले में थे फरार

संक्षेप:

  • पूर्व सांसद अतीक अहमद का बेटा है अली अहमद।
  • 5 करोड़ की रंगदारी मांगने पर चल रहा था फरार।
  • हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी की खारिज।

प्रयागराज- यूपी पुलिस ने पूर्व सांसद अतीक अहमद के छोटे बेटे अली अहमद के खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषत कर दिया है। उसके ऊपर रिश्तेदार से पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। वह लंबे समय से फरार चल रहा है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

पांच करोड़ की रंगदारी मांगने में वांछित अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं सकी है। हाईकोर्ट से उसकी अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज हो गई है। उसके साथियों का भी अभी तक सुराग नहीं लग सका है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी संदेह पैदा हो रहा है। हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है कि उसकी तलाश में लगातार दबिश डाली जा रही है।

बता दें कि 31 दिसंबर को करेली के ऐनुद्दीनपुर में हुई घटना से सनसनी फैल गई थी। यहां दबंगों के साथ बुलडोजर लेकर पहुंचे अली अहमद ने  दबंगों ने जीशान उर्फ जानू का कार्यालय ढहा दिया था और उसे व उसके दो रिश्तेदारों को बुरी तरह पीटा था। जीशान का आरोप है कि हमलावरों में अतीक अहमद का बेटा अली अहमद और उसके साथी शामिल थे।

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अली ने फोन पर जबरन उससे अपने अब्बू से बात कराई जिसने पांच करोड़ की रंगदारी मांगी। इसके बाद अली ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला बोल दिया। पुलिस ने करेली थाने में अली समेत नौ लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की थी। इनमें से दो लोग मौके से ही पकड़े गए थे, लेकिन अब तक अन्य आरोपियों को नहीं पकड़ा जा सका है। जिसमें अली के अलावा असद, आरिफ उर्फ कछोली, संजय सिंह, फुल्लू, इमरान उर्फ गुड्डू शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने अब अली अहमद पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया है।

बड़े बेटे पर भी घोषित है इनाम

अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद के बड़े बेटे मोहम्मद उमर के खिलाफ भी पुलिस पुलिस इनाम घोषित कर चुकी है। कई साल बीत जाने के बाद भी उमर पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।

माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस उसकी काफी लंबे समय से तलाश कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रदेश के कई शहरों में छापेमारी और दबिश भी दी जा चुकी है लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा।

गिरफ्तारी से बचने के लिए मोहम्मद उमर ने हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

उमर पर कारोबारी को अगवा कर पीटने का आरोप

उमर पर आरोप है कि 26 दिसंबर 2018 को उसने 25-30 बदमाशों के साथ लखनऊ के कृष्णानगर थानाक्षेत्र में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा किया था। प्रयागराज निवासी माफिया अतीक अहमद के कहने पर उसके बेटे उमर व गुर्गे कारोबारी को देवरिया जेल की बैरक में ले जाकर बंधक बनाया। वहां उसकी पिटाई की गई।

इसके बाद पिस्तौल सटाकर पांच कंपनियों को अपने करीबियों के नाम करवाया गया। जेल में पिटाई के दौरान मोहित से 45 करोड़ रुपये की जमीन के कागजात पर जबरदस्ती दस्तखत करा लिए गए। उसे अधमरा कर लखनऊ में फेेंक दिया गया था। वारदात 26 दिसंबर 2018 की है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें अतीक व उसके बेटे सहित कई लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन मो. उमर फरार हो गया था।

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