कांवड़ियों पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, कहा- दूसरे की संपत्ति नहीं अपना घर जलाकर बनो हीरो

संक्षेप:

  • कांवड़ियों के तांडव पर बरसा सुप्रीम कोर्ट
  • कहा- अपना घर जलाकर हीरो बनो, औरों की संपत्ति जलाकर नहीं
  • कई जगहों पर कांवड़ियों ने मचाया है जमकर उत्पात

इस साल सावन शुरू होते ही कई जगहों पर कांवड़ियों ने जमकर उत्पात मचाया है जिसका मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. कांवड़ियों के तांडव का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठा और इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गंभीर बात है.

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड ने कहा कि इलाहाबाद में नेशनल हाईवे के एक हिस्से को कावंडियों ने बंद कर दिया. सख्त लहजे में जस्टिस चंद्रचूड़ ने ऐसा कांवड़ियों के लिए कहा कि आप अपने घर को जलाकर हीरो बन सकते हैं लेकिन तीसरे पक्ष की संपत्ति नहीं जला सकते.

कोर्ट ने आगे कहा कि हम कानून में बदलाव का इंतजार नहीं करेंगे. हम इस पर कार्रवाई करेंगे. इस पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से AG के के वेणुगोपाल ने इसे मंजूर किया. सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को निर्देशि दिया कि उन सभी कांवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने कानून को अपने हाथों में लिया.

ये भी पढ़े : औरेया में 2 साधुओं की हत्या का मामला: अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार


कोर्ट ने कहा कि देश हर हफ्ते पढ़े-लिखे लोगों द्वारा दंगे देख रहा है. हमने वीडियो में कांवडियों को कार को पलटते हुए देखा, क्या कारवाई हुई? इतना ही नहीं पदमावत फिल्म को लेकर हंगामा किया गया, फिल्म की हीरोइन की नाक काटने की धमकी दे दी गई, मराठा आरक्षण और SC/ST एक्ट को लेकर हिंसा हुई, क्या इन सबमें कार्रवाई हुई? हमें जिम्मेदारी तय करनी होगी.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में कोडूंगलौर फिल्म सोसाइटी ने याचिका दाखिल कर कहा है कि जिस तरह से फिल्मों को लोगों व संगठनों द्वारा बैन करने के नाम पर व अन्य धरना प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति से तोड़फोड़ की जाती है उसे रोकने के लिए गाइडलाइन जारी की जानी चाहिए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया.

याचिका में कहा गया है कि 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर कहा था कि किसी प्रदर्शन आदि में कोई लाठी डंडा या हथियार नहीं ले जा सकता. इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं हो रही हैं.

Read more Allahabad News In Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के
लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles