प्रयागराज: चुनावी मौसम में VHP ने क्यों शुरू किया 'विजय महामंत्र' का अनुष्ठान

विश्व हिन्दू परिषद ने देश भर में एक साथ सवा लाख स्थानों पर शनिवार को श्री राम नाम जप की शुरुआत की. अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए किए जा रहे इस अनुष्ठान को विहिप ने "विजय महामंत्र" श्री राम जय राम जय जय राम" का नाम दिया है. विहिप के नेताओं के मुताबिक प्रयागराज कुम्भ मेले के दौरान 31 जनवरी और एक फरवरी को हुई विहिप की धर्म संसद में ही राम मंदिर निर्माण के लिए श्री राम नाम जप का एलान विहिप के मार्गदर्शक मंडल के साधु संतों ने किया था. नवसंवत्सर और चैत्र नवरात्र के पहले दिन सूर्योदय के बाद डेढ़ घंटे तक सर्व सिद्धि योग बन रहा है. जिसमें देश भर में 13 करोड़ से ज्यादा विजय महामंत्र श्री राम नाम जप किया जा रहा है. विहिप नेताओं का मानना है कि सर्व सिद्धि योग में श्री राम नाम जप करने से मंदिर निर्माण में आने वाली सभी बाधायें दूर होंगी और मंदिर के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त होगा. वहीं इस अनुष्ठान के जरिए एक बार फिर से देश भर में हिन्दुओं को राम मंदिर के मुद्दे पर विहिप एकजुट करने की कोशिश कर रही है. राम विनती के जरिए चुनावी मौसम में विश्व हिंदू परिषद देश भर में राम नाम का माहौल बनाने की तैयारी भी कर रही है. विश्व हिंदू परिषद ने सबसे पहले 1992 में राम नाम का जप कराया था. इसके बाद अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया था. इसके बाद वर्ष 2002 में भी राम नाम जप हुआ था. विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि संगठन ने जब जब राम नाम का जप कराया है, तब श्री रामलला के मंदिर निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़े है. विहिप नेताओं का मानना है कि इस बार भी राम नाम जप करने से मंदिर निर्माण की राह में आ रहे सभी अवरोध समाप्त होंगे. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार भी अपने दो साल के कार्यकाल में सरकार की तमाम उपलब्धियों को चुनावी मंच से लोगों तक पहुंचा रही है. केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार बनने में जिन मुद्दों पर नरेंद्र मोदी ने चुनावी कार्ड खेला था उसमें राम मंदिर निर्माण का मुद्दा भी शामिल है.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स  ।

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