भारतीय संविधान की ये बातें नहीं जानते होंगे आप

संक्षेप:

  • संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 दिन सोमवार को हुई थी
  • इसे बनने में 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा
  • संविधान की ओरिजनल प्रतियाँ आज भी भारत के संसद में है

भारत अपना 70वां गणतंत्र द‍िवस मनाने जा रहा है। देश में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है क्‍योंक‍ि आजादी के बाद इसी द‍िन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था। भारतीय संव‍िधान पूरी दु‍न‍िया में ब‍िल्‍कुल अलग माना जाता है। यह संव‍िधान दुन‍िया का सबसे बड़ा संव‍िधान है। ऐसे में आइए इस खास द‍िन पर जानें भारतीय संविधान के बारे में 10 सवाल जिनका जवाब जानकर गर्व से भर उठेंगे आप

26 जनवरी 1950 के दिन भारतीय संविधान लागू किया गया था. इसे डॉ. भीमराव आंबेडकर की अध्यक्षता में लिखा गया, इसलिए उन्हें ’संविधान का निर्माता’ कहा जाता है. लेकिन उनके साथ संविधान बनाने वाली समिति में जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल और मौलाना अबुल कलाम आजाद ने भी थे. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 दिन सोमवार को हुई थी।  

शुरू में संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे। प्रोविंसेज के 292 प्रतिनिधि, राज्यों के 93 प्रतिनिधि, चीफ कमिशनर प्रोविंसेज के 3, बलुचिस्तान के 1 प्रतिनिधि शामिल थे। बाद में मुस्लिम लीग ने खुद को इससे अलग कर लिया जिसके बाद संविधान सभा के सदस्यों की संख्या 299 रह गई। भारतीय संविधान पर 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों ने हस्‍ताक्षर किए थे। इनमें 15 महिलाएं थीं। 

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उस वक्त टेक्नोलॉजी का खासा विकास नहीं हुआ था. इसी वजह से 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भागों में विभाजित ये संविधान कागज पर कलम से लिखा गया.  8 से बढ़कर आज अनुसूचियों की संख्या 12 है. इसे बनने में 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा. संविधान की ओरिजनल प्रतियाँ आज भी भारत के संसद में है . जहाँ इसे हीलियम के अंदर डाल कर लाइब्रेरी में रखा हुआ है

 

 

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