इमाम अहमद रजा खां का 100वां उर्स: देश में अमन शांति के लिए की गई दुआ

संक्षेप:

  • इमाम अहमद रजा खां का 100वां उर्स
  • आला हजरत के कुल की रस्म अदा की गई
  • देश में अमन और शांति के लिए हुई दुआ

बरेली: बरेली में आला हजरत इमाम अहमद रजा खां का 100वां उर्स मंगलवार को बड़े शांतिपूर्ण से ढंग से मनाया गया. सुबह आला हजरत के कुल की रस्म अदा की गई. आला हजरत के वंशज मौलाना तौसीफ रजा खान ने कुल की फातिहा के बाद देश में अमन और शांति के लिए दुआ की और देशवासियों में आपसी भाईचारे और एकता के लिए भी दुआ की.

100वें उर्स ए रजवी के तीसरे और आखिरी दिन का आगाज के बाद नमाज ए फजर कुरआन ख्वानी से हुआ. सुबह सात बजे महफिल का आगाज कारी रिजवान रजा ने तिलावत ए कुरान से किया. फिजाओ में आला हजरत की लिखी बातें मनकबत गूंजने लगी. हाजी गुलाम सुब्हानी ने नात ए पाक का नजराना पेश किया. पूरा शहर रजा के रंग में रंगा नजर आया.

दरगाह प्रमुख हजरत मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) की सदारत और उर्स प्रभारी सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में दुनिया भर से आए मशहूर उलेमा, मुस्लिम स्कॉलर, शोहरा ने अपने-अपने कलाम पेश किए. मेहमान ए खुसूसी मेहमान मारहरा शरीफ के सज्जादगान हजरत अल्लामा सय्यद अमीन मियां, अल्लामा नजीब मियां, हजरत आमान मियां रहे.

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दरगाह प्रमुख हजरत सुब्हानी मियां ने आला हजरत के लिए जिन उलेमा ने बड़े काम को अंजाम दिया. उनमें 100 उलेमा को इनामात से नवाजा गया. मुफ्ती हनीफ खान रजवी को उमरा और मुफ्ती सलीम नूरी को बगदाद का टिकट दिया. दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि मारहरा शरीफ के सज्जादानशींन हजरत अल्लामा अमीन मियां ने सभी को सदसाला उर्स की मुबारकबाद दी.

उन्होंने कहा कि हमें फख्र है कि हम गौस ए आजम के गुलाम हैं. कुछ लोगों ने मौला अली रजि अन्हा का ठेका लिया है, जबकि मौला अली सबके हैं. 1307 हिजरी में आला हजरत ने मारहरा का शजरा लिखा. हजरत अमीर माविया अल्लाह के रसूल के सहाबा हैं. दुनिया में सबसे ज्यादा मुरीद मुफ्ती ए आजम हिन्द के थे. मसलक आला हजरत पर कायम रहे. सऊदी और यहूदी हुकूमत इस्लाम के खिलाफ काम कर रहे हैं. हम लोग तौसीफ मियां के मामले में जबरदस्त प्रदर्शन करेंगे. मारहरा से आए हजरत अमीन मियां की तकरीर के बाद कुल की फातिहा हुई.

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