बरेली में धर्म परिवर्तन कर तलाक और हलाला का मामला

संक्षेप:

  • फरहत नक़वी के पास पहुंची फातिमा
  • अब फातिमा चाहती हैं इंसाफ  
  • 18 साल पहले दे दिया था तलाक़

बरेलीः यूपी के बरेली में धर्म परिवर्तन कर तलाक़ और हलाला का हाई प्रोफाइल सनसनीखेज मामला सामने आया है। रंजीत कौर से फातिमा नूरी बनी पूर्व नगर पालिका चेयरमेन की दर्द भरी दास्ता सुनकर आपके पैरों तले से जमीन खिसक जाएगी।

केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी की बहन फरहत नक़वी के पास पहुंची फातिमा नूरी हैं। फातिमा नूरी पहले सिक्ख थी और उनका नाम रंजीत कौर था। उनकी शादी भी सिक्ख समुदाय में ही हुई थी और दो बेटे भी थे। इसी बीच रंजीत की मुस्लिम युवक से दोस्ती हुई और फिर उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया। इस्लाम कबूल करने के बाद फातिमा ने इज़्ज़तनगर इलाके में रहने वाले हाफिज खां से निकाह कर लिया। निकाह के बाद कुछ दिनों तो सब कुछ ठीकठाक चला लेकिन बाद में फातिमा का पति उसे परेशान करने लगा और 18 साल पहले उसे तलाक़ दे दिया। कुछ साल अलग रहने के बाद हाफिज को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने एक बार फिर से फातिमा को अपनाने की बात कही जिसके बाद फातिमा को हलाला कराना पड़ा। हलाला के बाद हलाला करने वाले युवक ने उसे तीन तलाक़ दे दिया और फिर फातिमा ने अपने पूर्व पति हाफिज से निकाह करने को कहा। लेकिन हाफिज ने उससे निकाह नहीं किया और लम्बे समय तक टालता रहा। अब जब पीड़िता ने पुलिस में शिकायत की तो उसके ऊपर जानलेवा हमला करवा दिया। अब फातिमा इंसाफ चाहती है। फातिमा का कहना है की वो अब ऐसे इंसान के साथ नहीं रहना चाहती है। 

फातिमा नूरी पर एक महीने पहले उसके पति हाफिज ने हमला करवाया जिसकी रिपोर्ट उसने इज़्ज़तनगर थाने में दर्ज करवाई। लेकिन जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उसने केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी की बहन फरहत नक़वी से इंसाफ की मांग की है।

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दरअसल फरहत नक़वी खुद तलाक़ पीड़ित है और वो तलाक़ पीड़ित महिलाओं को हक़ दिलाने के लिए मेरा हक़ के नाम से एनजीओ चला रही हैं। फरहत का कहना है की फातिमा के साथ अन्याय हुआ है जिसके लिए वो पीएम मोदी से मिल ऐसी तलाक़ पीड़ित महिलाओं को हक़ दिलाने के लिए मिलेगी।

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