जिले में मिले डेंगू के चार और संदिग्ध मरीज, एलाइजा जांच के लिए भेजे सैंपल

संक्षेप:

  • दो दिन पहले हुई थी डेंगू से बच्चे की मौत।
  • चार मरीजों की रैपिड जांच में रिपोर्ट मिली पॉजिटिव। 
  • डेंगू, मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश।

बरेली- दो दिन पहले डेंगू से बच्चे की मौत के बाद अब हर दिन रैपिड जांच में मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं। बुधवार को दो निजी अस्पतालों में भर्ती चार मरीजों की रैपिड जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इनके सैंपल एलाइजा जांच के लिए लखनऊ लैब भेजे गए हैं। मंगलवार को एक नौ साल के बच्चे का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इसकी अभी रिपोर्ट नहीं मिली है।
अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक चारों मरीज देहात क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन्हें बेहद तेज बुखार था। संदिग्ध मानकर जब इनका रैपिड टेस्ट किया गया तो रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई। बुधवार को इनके सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेज दिए गए हैं। दो-तीन दिन में रिपोर्ट मिलेगी। जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह ने बताया कि रैपिड टेस्ट किट से संदिग्ध मरीज ट्रेस होते हैं, इनकी पुष्टि एलाइजा जांच से ही होती है। बगैर एलाइजा जांच के किसी भी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि बुधवार को प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम से पीड़ित छह मरीज मिले हैं। इनमें एक रामनगर, एक फरीदपुर, एक भमोरा और दो मझगवां और एक अन्य व्यक्ति पॉजिटिव मिला है। इन्हें दवाएं मुहैया कराते हुए परिजन को एहतियात बरतने को कहा गया है। बुधवार को संक्रामक रोग नियंत्रण अभियान के तहत कई इलाकों में फॉगिंग समेत घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्यकर्मियों ने ट्रेसिंग, ट्रैकिंग का कार्य किया।

बुधवार को कुछ कम रहे बुखार पीड़ित
जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे मरीजों में बुधवार को बुखार पीड़ितों की तादाद कम रही। ओपीडी में भीड़ भी घटी है। काउंटर पर आम दिनों के सापेक्ष करीब दो सौ कम पर्चे बने। वहीं, 383 लोग बुखार पीड़ित रहे। इन्हें फिजीशियन ने दवाएं मुहैया कराई हैं। परिसर में साफ-सफाई का दौर जारी रहा। साथ ही, कोविड से बचाव के लिए लोगों को पब्लिक एड्रेस सिस्टम से सुझाव दिए जाते रहे।

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शासन की ओर से व्यवस्था की पड़ताल
बुधवार को सीएमओ कार्यालय में बुखार के संबंध में शासन स्तर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। मरीजों को ट्रेस और ट्रैक करने पर जोर दिया गया। संवेदनशील जिले बदायूं और पीलीभीत में बड़े पैमाने पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। डेंगू मरीजों को उचित इलाज मुहैया कराने समेत लोगों को बचाव के लिए जागरूक करने को कहा गया है। किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई को चेताया गया है।

डेंगू, मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए चल रहे स्वच्छता और फॉगिंग अभियान के तहत बृहस्पतिवार से एंटी लार्वा फॉगिंग अभियान शुरू होगा। विशेष अभियान के तहत हर दिन नगर निगम के लिए छह वार्डों में सुबह एंटी लार्वा का छिड़काव और शाम को फॉगिंग का कार्य कराया जाएगा। 15 दिन में नगर निगम सीमा के सभी वार्डों में फॉगिंग का लक्ष्य रखा गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे अभियान के तहत बुधवार को बहेड़ी की ग्राम पंचायत उनई, मकरुका और भोजपुर में संचारी रोग अभियान एवं स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत एंटी लार्वा छिड़काव, नालियों की सफाई और झाड़ी काटाने का काम कराया गया। कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने मंडलीय समीक्षा बैठक में चारों जिलों के सभी संबंधित अधिकारियों को मुस्तैदी से जिम्मेदारी का अनुपालन करने के निर्देश दिए। ब्यूरो

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