बरेली में मां मे कराया था बेटी के अपहरण का केस, डेढ़ साल बाद ऐसे मिली

संक्षेप:

यूपी के बरेली में एक मां ने अपनी जिस बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था, वह डेढ़ साल बाद घर से महज सात किलोमीटर दूर एक रिश्‍तेदार के घर में रहती मिली।

बरेली: यूपी के बरेली में एक मां ने अपनी जिस बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था, वह डेढ़ साल बाद घर से महज सात किलोमीटर दूर एक रिश्‍तेदार के घर में रहती मिली। युवती मां की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर चली गई थी और लोगों के घरों में खाना बनाने और बर्तन धोने का काम कर जिंदगी काट रही थी। मामले की जांच कर रही पुलिस भी इस वाकये से हैरान रह गई।

जानकारी के मुताबिक, 18 वर्षीय युवती को डेढ़ साल पहले पांच मई, 2019 को उसकी मां ने किसी बात को लेकर डांट दिया था। इसके बाद वह घर छोड़कर निकल गई। कुछ दिन इधर-उधर भटकी, फिर दूसरों के घर पर बर्तन धोने और खाना बनाने का काम करने लगी। इस तरह पैसे कमाकर वह अपने घर से महज सात किलोमीटर दूर एक रिश्तेदार के मकान में रहने लगी।

इधर, युवती की मां को लगा कि उसकी बेटी का किसी ने अपहरण कर लिया है और उसने इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज करा दी। डेढ़ साल पहले जब युवती अपने घर से गई थी, तब उसकी उम्र साढ़े 16 साल थी, लेकिन मां ने पुलिस रिपोर्ट में 11 साल लिखा दी।

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शहर के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के जिस मोहल्ले में किशोरी का घर है, उससे महज सात किलोमीटर दूर है श्यामगंज (शहामतगंज), जो शहर का प्रमुख बाजार है। जब पुलिस यहां एक घर में पहुंची तो वहां युवती रहती पाई गई। दरअसल, युवती के एक पड़ोसी ने पुलिस को उसके यहां रहने की सूचना दी थी।

युवती ने बताया कि मां के डांटने पर वह इसलिए घर से निकल गई ताकि ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाकर लौट सके। उसने श्यामगंज में कई घरों में काम करना शुरू किया था। पिछले डेढ़ साल में उसने कुछ पैसे भी बचा लिए थे। कुछ दिन और यहां रहने के बाद वह घर लौट जाती।

पिछले डेढ़ साल से यह मामला इज्जतनगर पुलिस दबाए बैठी थी। अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद बाद चार विवेचक बदल गए, लेकिन युवती का पता नहीं लगा सके। पिछले दिनों यह मामला एसएसपी रोहित सिंह सजवाण की नजर में आया। केसों की थानावार समीक्षा में उन्‍होंने जब सख्‍ती दिखाई तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई और युवती का पता चल पाया।

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