विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई के लिए पाक क्यों हुआ मजबूर? जानिए वजह

संक्षेप:

  • जानिए पाकिस्तान क्यों विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने पर हुए मजबूर 
  • जानिए कैसे भारत ने पाकिस्तान पर बनाया कूटनीतिक दवाब 
  • जानिए क्या है जेनेवा कनवेंशन 

इस्लामाबाद: बुधवार को जब इंडियन एयरफोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया तो भारत में हड़कंप मच गया. उनकी सुरक्षित रिहाई को लेकर हर तरफ चर्चा होने लगी. लेकिन सिर्फ 30 घंटे के अंदर ही पाकिस्तान विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने के लिए तैयार हो गया. खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने उनकी रिहाई का ऐलान पार्लियामेंट के ज्वाइंट सेशन में किया.

जेनेवा कनवेंशन के तहत पाकिस्तान को अभिनंदन को हर कीमत पर रिहा करना था

दरअसल सेना का कोई अधिकारी अगर दूसरे देश में पकड़ा जाता है उस पर जिनेवा समझौता लागू होता है. अगर पाकिस्तान इस समझौते का पालन नहीं करता है तो उसे इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में मुंह की खानी पड़ती.

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क्या है जेनेवा समझौता

मालूम हो कि जेनेवा समझौते के तहत पाकिस्तान भारत के पायलट को नुकसान नहीं पहुंचा सकता. प्रिजनर ऑफ वार के अधिकारों को बरकरार रखने के जेनेवा समझौते (Geneva Convention) में कई नियम दिए गए हैं. इसके तहत युद्ध के वक्त मानवीय मूल्यों को बनाए रखने के लिए कानून तैयार करना है. मानवता को बरकरार रखने के लिए पहली संधि 1864 में हुई थी. इसके बाद दूसरी और तीसरी संधि 1906 और 1929 में हुई.

सेकेंड वर्ल्ड वार के बाद 1949 में 194 देशों ने मिलकर चौथी संधि की थी. इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रास के मुताबिक जेनेवा समझौते में युद्ध के दौरान गिरफ्तार सैनिकों और घायल लोगों के साथ कैसा बर्ताव करना है इसको लेकर दिशा निर्देश दिए गए हैं. इसमें साफ तौर पर ये बताया गया है कि युद्धबंदियों (POW) के क्या अधिकार हैं. साथ ही समझौते में युद्ध क्षेत्र में घायलों की उचित देखरेख और आम लोगों की सुरक्षा की बात कही गई है. पिछले दो हफ्ते से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के माहौल बने हुए हैं. ऐसे में लोगों को ये उम्मीद कम ही थी कि पाकिस्तान इतनी जल्दी विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करेगा और वो भी सही सलामत. लेकिन पीएम मोदी की मेहनत रंग लाई और पाकिस्तान सिर्फ 30 घंटे के अंदर ही विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने के लिए तैयार हो गया.

रंग लाई डोभाल की मेहनत

विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई को कुटनीतिक स्तर पर पीएम मोदी की बड़ी जीत बताई जा रही है. दरअसल जैसे ही बुधवार को विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान के कब्जे में गया सराकार ने उनकी रिहाई को लेकर कोशिशें तेज़ कर दी. सू्त्रों के मुताबिक पीएम ने उन्हें सुरक्षित भारत लाने का जिम्मा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को सौंप दिया. इसके बाद डोभाल ने शाम को पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए खास रणनीति तैयार की. इसके तहत उन्होंने कई अंतराष्ट्रीय साझेदारों से बातचीत की. सूत्रों के मुताबिक डोबाल ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से करीब 25 मिनट तक बातचीत की.

दबाव में झुक गया पाकिस्तान

गुरुवार सुबह से ही पाकिस्तान के सुर बदलने शुरू हो गए. पाकिस्तान के विदेश मंत्री और प्रधान मंत्री शांति और बातचीत का रट लगाने लगे. इस बीच अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी इस बात के संकेत दिए कि भारत और पाकिस्‍तान की ओर से बहुत जल्‍द अच्‍छी खबर मिलने वाली है. उन्होंने दावा किया कि जल्द ही दोनों देशों के बीच तनाव खत्‍म हो सकता है.

इसके बाद तो पाकिस्तानी खेमे में खलबली मच गई. भारत की तरफ से लगातार मिल रही चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान झुक गए. इमरान खान कैबिनेट की बैठक में कहा कि वो भारत से आतंकवाद सहित हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं. शाम चार बजे पार्लियामेंट के ज्वाइंट सेशन में इमरान खान ने ऐलान किया कि वो इंडियन एयरफोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन को शुक्रवार को रिहा कर देंगे और वो भी बिना किसी शर्त के.

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