बरेली में तीन तलाक की पीड़िता निदा खान के पिता को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका गया

संक्षेप:

  • निदा खान के पिता को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका गया
  • पुलिस ने मामले को कराया सुलह
  • तीन तालाक की पीड़िता हैं निदा खान

बरेली: निदा खान को इस्लाम से खारिज करने के फतवे का असर जुमे (शुक्रवार) की नमाज में दिखा। दरगाह शाहदाना वली स्थित मस्जिद में नमाज पढऩे गए निदा खान के पिता मुसर्रतयार खां को कुछ लोगों की भीड़ ने घेर लिया। उन्हें मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका और अभद्रता की।

बाद में दरगाह पर हाजिरी देने पहुंचीं निदा की मां यासमीन को भी नहीं बख्शा। पहले गनर के साथ निदा और फिर पुलिस पहुंच गई। निदा, उनके पिता और मां को मस्जिद से सुरक्षित निकालकर घर पहुंचाया गया। उधर, देर रात थाने में पुलिस ने दोनों पक्ष बुलाए। वहां दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां बब्बू ने माफी मांगकर मामला रफा-दफा किया। भरोसा दिलाया, आगे से उन्हें नमाज से नहीं रोका जाएगा।

निदा के पिता मुसर्रतयार खां लंबे समय से शाहदाना वली पर जुमे की नमाज पढ़ते आ रहे हैं। शुक्रवार को भी दोपहर करीब 1.57 बजे मस्जिद में पहुंचे। मस्जिद के दरवाजे पर ही उन्हें आठ-दस नमाजियों ने रोक दिया। यह कहते हुए कि आप यहां नमाज नहीं पढ़ सकते, क्योंकि आपकी बेटी के खिलाफ इस्लाम से खारिज करने का फतवा है। मुसर्रतयार खां ने इसका विरोध किया और मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां उर्फ बब्बू के पास पहुंचे। घटना बताई और बोले कि वह नमाज यहीं पढ़ेंगे।

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इस बीच एक शख्स ने मस्जिद के इमाम से यह सवाल पूछा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ फतवा जारी हुआ हो, क्या उनके साथ नमाज पढ़ी जा सकती है? इसके जवाब में इमाम शुजाअत खान ने कहा कि फतवे के मुताबिक उनके साथ नमाज नहीं पढ़ी जा सकती। आरोप है कि इमाम के इस जवाब से भीड़ मुसर्रतयार खां के खिलाफ खड़ी हो गई। जैसे-तैसे उन्होंने फर्ज (नमाज) अदा किए। तब तक अच्छा खासा हंगामा खड़ा हो चुका था। इसी बीच निदा की मां भी हाजिरी के लिए शाहदाना वली दरगाह पहुंच गईं। उनसे महिलाओं ने फतवे की बात कहते हुए बदसुलूकी की। तब उन्होंने मोबाइल से निदा को फोन किया। निदा गनर संग दरगाह पहुंचीं। शहामतगंज चौकी इंचार्ज को सूचना दी। वह फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस निदा, उनके पिता और मां को भीड़ से बचाकर घर से आई।

निदा ने कहा है कि यह सब दरगाह आला हजरत से जारी फतवे की वजह से हुआ है। उसे वापस लिया जाना चाहिए। शाहदाना वली दरगाह मस्जिद इमाम को माफी मांगना चाहिए। उनकी वजह से भीड़ भड़की।

वहीं निदा के पिता का कहना है कि मुझे और मेरे परिवार को साजिश के तहत घेरा गया। भीड़ मेरी या परिवार की जान ले सकती थी। इससे पहले भी कई बार हमले हुए हैं.

आपको निदा खान आला हजरत परिवार की पूर्व बहू हैं। उनका पति शीरान रजा खां से तलाक का मुकदमा कोर्ट में है। निदा आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी चलाती हैैं। तीन तलाक और हलाला के खिलाफ मुखर हैैं। इसी के चलते पिछले दिनों निदा के खिलाफ इस्लाम से खारिज करने का फतवा जारी कर दिया गया।

शरीयत व इस्लाम के खिलाफ बयानबाजी को लेकर दायर हुए मुकदमे में शुक्रवार को आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा कोर्ट में हाजिर हो गई। सिविल जज जूनियर डिवीजन शहर मृत्युंजय श्रीवास्तव की कोर्ट ने निदा को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। पिछले माह महिला जन कल्याण सोसायटी की रीना खान ने निदा पर इस्लाम व शरीयत के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी के आरोप में सिविल कोर्ट में दावा दायर किया था। रीना का कहना है कि निदा बेजा बयानबाजी कर शहर का माहौल खराब कर रही हैं। इससे सामाजिक वैमनस्यता पैदा होने की आशंका है। वादिनी ने कोर्ट से विवादित बयानों पर रोक लगाने की मांग की है। समन तामील होने के बावजूद निदा कोर्ट में पेश होने से बच रही थीं। कोर्ट ने मुकदमे की अगली सुनवाई की तारीख 22 सितंबर नियत की है।

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