बरेली, जेएनएन : कोरोना संक्रमण के दौर में अगर आपने अपनी इम्यून सिस्टम को मजबूत नहीं किया तो सेप्सिस का भी खतरा हो सकता है

समय पर इसके लक्षण पहचान कर इलाज नहीं किया तो शरीर के अंग जैसे लीवर, किडनी आदि काम करना बंद कर सकते हैं।

ऐसे में शुरुआती लक्षण और जानना, समय पर खून की जांच कराना और उपचार बेहद जरूरी है।

बरेली के 300 बेड कोविड हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.वागीश वैश्य बताते हैैं कि सेप्सिस, सेप्सिसिमिया या खून में होने वाला एक गंभीर संक्रमण है।

यह बीमारी तब होती है, जब शरीर के अंदर फेफड़ों, त्वचा या किसी भी अन्य जगह बैक्टीरिया संक्रमण होता है।

यही संक्रमण रक्त में फैल जाता है।  सेप्सिस कमजोर रोग प्रतिरोधक शक्ति वाले लोगों में आसानी से हो सकती है।

इसका शिकार होने की आशंका तब और बढ़ जाती है, जब कोई शख्स पहले से ही अन्य संक्रमण जनित रोग से जूझ रहा हो।

यानी यह संक्रमण रोगी से संक्रमण से लड़ने में बाधक तो होता ही है, साथ में शरीर के स्वस्थ्य हिस्से और खून को भी नुकसान पहुंचाता है।

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