डीजीसीए की रिपोर्ट: पायलट काबू नहीं करता तो क्रैश हो जाता राहुल गांधी का विमान

संक्षेप:

  • दिल्ली से कर्नाटक के हुबली जा रहे राहुल का विमान खराब
  • नागरिक विमानन महानिदेशालय की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
  • 20 सेकंड थे, नहीं संभलता तो क्रैश हो जाता राहुल का विमान

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर दिल्ली से कर्नाटक के हुबली जा रहे विमान के हवा में हिचकोले खाने और इमरजेंसी लैंडिंग कराने के मामले की नागरिक विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। डीजीसीए का दावा है कि तकनीकी खराबी पर पायलट काबू नहीं पाते तो अगले 20 सेकंड में गंभीर परिणाम हो सकते थे। यहां तक की राहुल का विमान क्रैश भी हो सकता था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की खराबी के पीछे मानवीय चूक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक उस दिन राहुल गांधी का चार्टर्ड विमान अचानक एक तरफ झुकने लगा था और उसमें से आवाज आ रही थी। विमान ऑटो पायलट मोड पर चल रहा था। हालांकि, इस घटना के बाद कांग्रेस ने इसे साजिश करार दिया था। राहुल के करीबी कौशल के विद्यार्थी ने कर्नाटक पुलिस को इसकी शिकायत की थी।

इसी के बाद जांच के लिए एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने दो सदस्यीय जांच कमिटी बनाई थी। एक सीनियर डीजीसीए अधिकारी ने बताया कि "शायद पायलट की गलती के कारण ऐसा हुआ होगा। विमान में कुछ गड़बड़ी आई और वो एक ओर तेजी से गिरने लगा। अचानक एल्टिट्यूड गिरने के कारण विमान आवाज करने लगा।

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डीजीसीए ने फ्लाइट डाटा रिकॉर्ड और कॉकपिट सिस्टम की भी जांच की और बताया कि विमान में जब गड़बड़ी आई तो क्रू ने इसे संभालने में देरी कर दी। अगर कुछ सेकेंड के भीतर गड़बड़ी दूर न की गई होती तो प्लेन क्रैश हो चुका होता। कांग्रेस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग कर रही है।

आपको बता दें कि राहुल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार के सिलसिले में 26 अप्रैल को सुपर लग्जरी 10 सीटर दसौल्ट फाल्कन 2000 विमान से नई दिल्ली से हुबली जा रहे थे। इस घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि वह अंदर से हिल गए थे। उस वक्त राहुल ने कैलाश मानसरोवर जाने की बात कही थी। अब राहुल गांधी 31 अगस्त को कैलाश मानसरोवर की धार्मिक यात्रा पर जा रहे हैं।

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