2 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं बरेली के अन्ना, सो रहे अफसर!

संक्षेप:

  • वरिष्ठ पत्रकार मनोज विकट बरेली में बैठे भूख हड़ताल पर
  • अफसरों पर कार्रवाई ना करने का आरोप
  • कलेक्ट्रेट भवन के बाहर 2 बेटियों के साथ कर रहे प्रदर्शन

बरेली लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद प्रत्याशी और पत्रकार रह चुके मनोज विकट शुक्रवार से अपनी दो बेटियों के साथ कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बरेली के दिल्ली पब्लिक स्कूल द्वारा उसका उत्पीड़न किया जा रहा है. अफसरों से की गई शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही.

कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठे मनोज विकट का कहना है कि उनकी दो बेटियां बरेली के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ती है. आरोप लगाया कि अवैध शिक्षा फीस वसूली को लेकर उन्होंने दो साल पहले कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया है. विकट का कहना है कि उसे नहीं मालूम कि उसकी वर्ष 2018 में बेटियां पास हुई है या फेल, कालेज द्वारा बताया ही नहीं जा रहा है. आरोप है कि कालेज द्वारा 24 मार्च को 2 लाख रूपये मांगे गए. आरोप है कि रूपये न देने पर कालेज में घुसने पर प्रतिवंध लगा दिया गया. दो दिन बाद विकट ने मामले की शिकायत सीबीगंज पुलिस व अगले दिन तत्कालीन डीएम से की. इसके बाद भी कालेज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. विकट की मानें तो उन्होंने 2011 व 2013 में अपनी दो बेटियों की कक्षा 1 में निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार के तहत मुकदमा दायर किया है. जो सीजेएम कोर्ट में चल रहा है.

मजबूरी में बैठा भूख हड़ताल पर
मनोज विकट ने बताया कि जो उम्र उसकी बेटियों के पढ़ने की है. उस उम्र में इंसाफ के लिए उन्हें पिता के साथ भूख हड़ताल करनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि जबतक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती वह भूख हड़ताल जारी रखेंगे.

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अफसरों की नहीं पड़ी नजर
पिता अपनी दो बेटियों के साथ कलेक्ट्रेट गेट पर 2 दिन से भूख हड़ताल पर बैठा है और जिम्मेदारों की उन पर नजर नहीं पड़ी. बतादें कि इन दिनों बरेली में महंगी किताबों, फीस, ड्रेस आदि को लेकर त्राही-त्राही मची हुई है. अभिभावकों में निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ गुस्सा है. लेकिन स्कूल संचालकों से मिलकर निजी प्रकाशकों ने मनमाने तरीके के किताबों, ड्रेस आदि के दाम बढ़ा दिए हैं.

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