आध्यात्मिक गुरु दादा जेपी वासवानी का निधन, शाकाहार और पशु अधिकारों को देते थे बढ़ावा

संक्षेप:

  • आध्यात्मिक गुरु दादा जेपी वासवानी का निधन
  • शाकाहार और पशु अधिकारों को देते थे बढ़ावा
  • 1918 को हैदराबाद में हुआ था जन्म

आध्यात्मिक गुरु और साधु वासवानी मिशन के प्रमुख दादा जेपी वासवानी का निधन हो गया है। वह 99 वर्ष के थे। वह शाकाहार और पशु अधिकारों को बढ़ावा देते थे। गुरुवार सुबह 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। साधु वासवानी मिशन पुणे में स्थित एनजीओ है जिसके दुनिया भर में कई केंद्र हैं।

दादा वासवानी 150 से ज्यादा किताबें भी लिख चुके हैं। दो अगस्त को उनका जन्मदिन आने वाला था जब वह पूरे 100 वर्ष के हो जाते। उन्होंने वैश्विक शांति के लिए मोमेंट ऑफ काम की अगुवाई की थी। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनके 99वें जन्मदिन समारोह को संबोधित किया था।

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गुरुवार सुबह 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। साधु वासवानी मिशन पुणे में स्थित एनजीओ है जिसके दुनिया भर में कई केंद्र हैं।  उनका जन्म 2 अगस्त 1918 को हैदराबाद में हुआ था। उनके सात भाई-बहन थे। उनकी तीन बहनें और वह चार भाई थे।

उनके पिता हैदराबाद में एक स्कूल में टीचर थे। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनके 99वें जन्मदिन समारोह को संबोधित किया था। 

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