बस्ती: जानिए क्यों सगे भाई ने ही करा दी शख्स की हत्या, ऐसे हुआ खुलासा

संक्षेप:

पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बदरे आलम नशे का आदी था और वह नशे में अक्सर अपने हिस्से की संपत्ति बेचने को लेकर घर में बवाल करता था।

बस्ती। बस्ती पुलिस एक सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया है। लालगंज थाने के पसड़ा निवासी 24 वर्षीय बदरे आलम की हत्या उसके सगे भाइयों ने आठ अन्य लोगों के साथ मिलकर कराई थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को मामले का पर्दाफाश करते हुए सभी 10 हत्यारोपियों को बुधवार/बृहस्पतिवार के बीच अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बोलेरो, बाइक, स्कूटी व खून से सने कपड़े, गमछा आदि बरामद कर लिया। तीन अप्रैल को मुंडेरवा थाने के जमुनहा गांव की सीमा पर कठिनईया नदी में उसकी लाश मिली थी। पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बदरे आलम नशे का आदी था और वह नशे में अक्सर अपने हिस्से की संपत्ति बेचने को लेकर घर में बवाल करता था। आजिज आकर उसके भाई सरवर आलम व अब्दुल करीम ने रूदल चौहान निवासी शिव बखरी थाना महुली और मनोज चौहान निवासी ऊंचहर कला थाना दुधारा संतकबीरनगर को फोन करके हत्या करने के लिए बुलाया।

इन दोनों ने बाकी छह लोगों को साथ मिलाकर बदरे आलम की हत्या की योजना बनाई। इसमें रूदल और मनोज को 25-25 हजार रुपये और बाकी छह को 15-15 हजार रुपये देने की बात तय हुई। योजना के मुताबिक सुपारी देने वाले सरवर आलम और अब्दुल करीम ने दो अप्रैल को अपनी बोलेरो भेजकर सभी हत्यारोपियों को क्षेत्र के टेमी चौराहे पर बुलाया।

ये भी पढ़े : शादी से पहले ससुरालवालों ने की दहेज की मांग, मंगेतर के कहने पर लड़की ने आत्महत्या कर ली


सभी लोग बोलेरो में सवार होकर बदरे आलम के घर पहुंचे, जहां वह बरामदे में लाइट बंद करके सोया था। सबने मिलकर बदरे आलम का हाथ-पैर गमछे से बांधकर गाड़ी में लाद लिया। मुंह में कपड़ा ठूस दिया, ताकि शोर न मचा सके। बोलेरो में ही गमछे से गला कसकर हत्या कर दिए और शव को जमुनहा पुल के ऊपर से कठिनइया नदी में फेंक दिया।

एसपी ने बताया कि आसपास मिले सीसीटीवी फुटेज में बोलेरो दिख गई थी, जो कि मृतक के भाई सरवर आलम की निकली। इसके बाद एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती चली गईं। तीन अप्रैल को सुबह चरवाहों ने मुंडेरवा थानाक्षेत्र के कठिनईया नदी पर बने जमुहट पुल के नीचे उतराता हुआ शव देख कर शोर मचाया। जिसके बाद महुली, मुंडेरवा और लालगंज की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। करीब डेढ़ घंटे तक सीमा विवाद के बाद मुंडेरवा पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकलवाया। मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और उसके दोनों पैर भी गमछे से बंधे हुए थे। अगली सुबह मुंडेरवा थाने पर जाकर बड़े भाई सरवर ने पहचान की।

रुदल चौहान, सूरज चौहान निवासी शिवबखरी थाना महुली जनपद संतकबीर नगर, मनोज चौहान, उस्मान अंसारी (बोलेरो चालक), गड्डू अंसारी उर्फ सई मोहम्मद, मोनू चौहान निवासी गण उंचहरा कला थाना दुधारा संतकबीर नगर, सरवर आलम, अब्दुल करीम, पंकज चौधरी व रमेश चौहान निवासी गण पसड़ा बानपुर थाना लालगंज शामिल हैं।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles