बस्ती में बुखार का प्रकोप: पीड़ित बच्चों की तेजी से बढ़ रही संख्या

संक्षेप:

  • बुखार से पीड़ित बच्चों की तेजी से बढ़ रही संख्या 
  • 15 दिन बाद केस होने लगेंगे कम
  • दूषित पेयजल व बाहर के खाने से करें परहेज

बस्ती। जिला अस्पताल में मंगलवार को वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में बढ़त दिखाई पड़ी। इस समय अस्पताल में वायरल फीवर के मरीज काफी आ रहे हैं। इनमें ज्यादा संख्या बच्चों की होती है। चिल्ड्रेन वार्ड व पीआईसीयू वार्ड में भी काफी बच्चों का इलाज किया जा रहा है। पीआईसीयू में भर्ती 10 मरीज में आठ बुखार के हैं। इसी तरह चिल्ड्रेन वार्ड में भी 40 बच्चे मौजूद थे। ज्यादातर बुखार से पीड़ित थे। जेई, स्क्रब्टॉयफस व एईएस के केस नहीं के बराबर आ रहे हैं।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज खान ने बताया कि मंगलवार को ओपीडी में 90 से 100 मरीज देखे गए हैं। इस समय वायरल फीवर दो तरह के पाए जा रहे हैं। एक तो सामान्य वायरल फीवर सर्दी जुकाम बुखार खांसी है। यह नॉर्मल है। इसमें एक परिवार को बुखार हुआ तो पूरा परिवार चपेट में आ जाता है, लेकिन तीन दिन से लेकर पांच या सात दिन में सबकुछ नार्मल हो जाता है। दूसरा वायरल केस में बुखार, तेज उल्टी, सिर दर्द व बेहोशी की हालत में मरीज आ रहे हैं।

इसके अलावा सुस्ती, पेट दर्द, दस्त, सांस फूलना, यह गंभीर बीमारी माना जाता है। इसमें 103 से 104 डिग्री तक बुखार हो जाता है। इस तरह के मामलों में बिना समय गंवाए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। किसी तरह की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। इस समय 25 से 30 एडमिशन चिल्डे्रन वार्ड में प्रतिदिन किया जा रहा है। बच्चों में वायरल निमोनिया के केस ज्यादा हैं। छह महीने तक के बच्चों के लिए थोड़ी समस्या है। उनको बचा कर रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आशंका है कि अभी 15 दिन तक वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़त में रहेगी।15 दिन बाद केस कम होने लगेंगे, क्योकि मौसम में परिवर्तन होगा और उसका असर बीमारी के फैलाव पर पड़ेगा।

ये भी पढ़े : मुरादाबाद में डेंगू के मिले 27 नए केस, कुल मरीजाें की संख्या हुई 384


दूषित पेयजल व बाहर के खाने से करें परहेज

डॉ. सरफराज ने बताया कि लोगों को चाहिए कि वह इस मौसम में एहतियात बरतें। इसी से वह संक्रमण से बच सकते हैं। बाहर का व दूषित जल न पिएं। बाहर के खानपान से परहेज करना चाहिए। बेवजह सफर न करें व बच्चों को अधिकांश समय घर में ही रखें। इससे आप खुद भी सुरक्षित रहकर परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles