मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में निगम मंडलों में चेयरमैन (Chairman in corporation) पदों पर जल्द ही नियुक्ति होने वाली है

भोपाल. सब कुछ ठीक रहा तो इस महीने के अंत तक नामों का ऐलान हो सकता है. सरकार बदलने के बाद से निगम-मंडल अध्यक्ष के खाली पड़े पदों पर नियुक्ति का इंतज़ार है. मंत्री बनने से रह गए नेताओं को उम्मीद है कि यहां नहीं तो वहां उन पर सरकार की कृपादृष्टि हो जाए. दावेदारों में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia), कमलनाथ (Kamal Nath) और दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के समर्थकों की लंबी लिस्ट है. कमलनाथ सरकार में अब राजनीतिक नियुक्तियों का इंतज़ार ख़त्म होने वाला है. फरवरी के अंत में अधिकांश निगम मंडलों में नियुक्तियां हो सकती हैं. सरकार बनने के बाद से निगम मंडल खाली पड़े थे. इनमें नियुक्तियों की मांग पार्टी में लगातार उठ रही थी. लेकिन इस मामले को होल्ड पर डाल दिया गया. अब निकाय चुनाव जब सिर पर हैं तब राजनीतिक दबाव और कांग्रेस में मचा घमासान ख़त्म करने के लिए इनमें नियुक्तियों की तैयारी हो रही है. इन्हें मिल सकती है जगह कांग्रेस में संभावित असंतोष को थामने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ निगम-मंडलों में नियुक्ति कर रहे हैं.अशोक सिंह की अपेक्स बैंक के चेयरमैन पद पर पहली राजनीतिक नियुक्ति कर उन्होंने इस बात के संकेत दे दिए थे.नाथ के लिए छिंदवाड़ा विधान सभा सीट से विधायकी छोड़ने वाले दीपक सक्सैना को राज्य खनिज विकास निगम का अध्यक्ष बनाया जाना लगभग तय माना जा रहा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को राज्य योजना का उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है.हालांकि इस पद के लिए पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह और पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा का नाम भी चर्चा में है.शोभा ओझा को महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया जा सकता है.इसी तरह से कई और दावेदार हैं, जो प्रदेश से लेकर दिल्ली तक जोर आजमाइश कर रहे हैं.ये नाम भी चर्चा में पूर्व मंत्री रहे चंद्रप्रभाष शेखर और प्रकाश जैन का नाम चर्चा में है.प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा, हेमंत बागदरे, राजकुमार खुराना, बलवीर सिंह, विनय बाकलीवाल, दिनेश गुर्जर , विश्वमोहन दास, पूर्व विधायक नरेश सर्राफ, जमुना मरावी, मोहम्मद सलीम, दिग्विजय सिंह खेमे से आने वाले रामेश्वर नीखरा, राजेंद्र कुमार सिंह, पूर्व विधायक विनय शंकर दुबे, गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी, मानक अग्रवाल, नरेंद्र कुमार लाहोटी, नासिर इस्लाम भी दौड़ में शामिल हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे से आने वाले इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन, पूर्व विधायक सत्यनाराण पटेल, के के सिंह कालूखेड़ा, उज्जैन से पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, सुनील शर्मा महामंत्री मध्यप्रदेश कांग्रेस, पूर्व विधायक ब्रजेंद्र सिंह, योगेंद्र लुंबा, गजराम सिंह यादव और पंकज चतुर्वेदी भी निगम-मंडल चैयरमेन पद की रेस में शामिल हैं. नाम और भी हैं. सुरेश पचौरी के खेमे की तरफ से राजीव सिंह, कैलाश मिश्रा, पूर्व महापौर सुनील सूद और भोपाल सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन रह चुके सुभाष शुक्ला के नाम पर विचार किया जा सकता है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि निगम मंडलों में नियुक्तियों को लेकर प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और सीएम कमलनाथ के बीच दो बार की बैठक हो चुकी है.बैठक में तमाम मुद्दों और पक्षों को सुलझा लिया गया है.अब अंतिम चरण की बैठक में नामों पर मोहर लगनी है.यह बैठक इसी महीने होगी और महीने के अंत में निगम मंडलों में नियुक्तियों भी हो जाएंगी. नियुक्तियां नहीं होने की वजह से दावेदारों में असंतोष पनपने लगा था.निकाय चुनाव से पहले मेहरबानी कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से निगम, मंडल और आयोगों में नियुक्तियों की मांग लगातार उठ रही है.लोकसभा चुनाव के दौरान कई नेता मुखर हो गए थे.उन्होंने अपनी दावेदारी भी की थी.तब नेताओं को समझाया गया और भरोसा दिया गया कि जल्द ही नियुक्ति कर ली जाएगी.तब से अब तक लगातार दावेदारों की तरफ से प्रेशर बनाया जा रहा था.पार्टी और संगठन स्तर पर लगातार नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही थी.लेकिन अब फायनल बैठक के बाद निगम मंडलों में नामों का ऐलान कर दिया जाएगा. बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा,सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है. किसानों का कर्ज माफ नहीं किया, बेरोजगारों को नौकरी नहीं दी. जनता हाहाकार कर रही है.सिर्फ नेताओं की जेब भरी जा रही है.आम जनता का कोई ख्याल नहीं है.रेत माफिया के साथ तरह-तरह के माफिया सक्रिय हैं.सरकार जनता को सिर्फ छल रही है. window.ADNW = window.ADNW || {}; 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