सूबे में डॉक्टरों की भारी कमी और संसाधनों की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्‍थ्य सेवाओं का हाल खराब है

भोपाल. लेकिन अब इसे सुधारने के लिए स्वास्‍थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है. जिसके चलते अब स्वास्‍थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों को अपना पहला टारगेट बना कर चल रहा है. इसके लिए इस साल पूरे प्रदेश में करब 2867 हेल्‍थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू किए जाएंगे. इन सेंटर्स पर मरीजों की जांच होगी और दवाओं के साथ योगा और व्यायाम जैसी सलाह भी दी जाएंगी. अब तक ग्रामीण इलाकों में उपस्वास्थ्य केन्द्रों का उपयोग सिर्फ टीकाकरण केन्द्र के रूप में ही किया जाता था, लेकिन  अब वहां 12 प्रकार की सेवाएं मिलेंगी. पहले ही रोकी जा सकेगी बीमारी एनएचएम के अधिकारियों का मानना है कि साल 1990 में हुए स्वास्थ्य सर्वे में 32% लोग देश में बीपी, शुगर, केंसर जैसे नॉन कम्युनिकेबल डिसीज से पीडित थे. लेकिन 2016 के हेल्थ सर्वे में एनसीडी पेशेंट बढकर 62 फीसदी हो गए हैं. यदि ग्रामीण इलाकों में डिजीज स्क्रीनिंग की व्यवस्था होती तो रोगों को प्राथमिक स्तर पर ही उपचार कर रोका जा सकता था. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में  कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की पदस्थापना की गई है. एक उप स्वास्थ्य केन्द्र से आसपास के पांच-छह गांव जुड़े होते हैं. इनमें एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आशा कार्यकर्ता काम करतीं हैं. आम तौर पर उप स्वास्थ्य केन्द्रों में रिप्रोडक्टिव , मैटरनल, न्यूनेटल, चाइल्ड एंड एडोलसेंट की अवधारणा पर ही काम होता था.मातृत्व स्वास्थ्य के साथ ही नवजातों, बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य केन्द्रों के रूप में ही उपयोग होता है, लेकिन अब यहां इनके अलावा 6 अन्य प्रकार के  मरीजों की स्क्रीनिंग और ट्रीटमेंट की सुविधा मिलेगी. इनमें एनसीडी स्क्रीनिंग, दंत रोग,ईएनटी रोग, मुख रोग, मानसिक रोग, के साथ बर्न और ट्रामा के मरीजों को इमरजेंसी ट्रीटमेंट दिया जाएगा. कई तरह की दवाएं भीउप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर के सेंटर्स पर 34 प्रकार की दवाएं और पीएचसी स्तर के सेंटर्स पर 157 प्रकार की दवाएं भी मिल सकेंगी. एनएचएम ने सीएचओ के लिए तीन कैटेगरी के केंडिडेट्स का चयन किया है. इनमें फर्स्ट राउंड में बीएससी नर्सिंग करने वाले 1245 युवाओं को सर्टिफिकेट कोर्स इन कम्युनिटी हेल्थ में 6 महीने का डिप्लोमा कराकर सीएचओ को पोस्टेड किया गया है. अगले राउंड में जीएनएम और बीएचएमएस डॉक्टर्स को 6 महीने का कोर्स कराकर पदस्थापना की जाएगी. अब तक 1373 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा चुके हैं. ये भी पढ़ेंः IIFA: पहला टिकट खरीदेंगे CM कमलनाथ, सोमवार को होगा अवॉर्ड की तारीखों का ऐलान।

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