मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जारी संघ (RSS) की अहम बैठक के दूसरे दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभाग प्रचारकों के साथ मंथन किया

भोपाल. इस दौरान सीएए, राम मंदिर और गौसेवा समेत कई और अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संघ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सीएए के पक्ष में माहौल बनाने के लिए काम करेगा. संघ प्रचारक सीएए पर जनसमर्थन जुटाने के लिए सभाएं और गांव स्तर तक संपर्क अभियान भी चलाएंगे. शामिल होंगे भाजपा के नेता सीएए के विरोध प्रदर्शन में युवाओं के शामिल होने की वजह से संघ की खास तौर से युवाओं पर नज़र रहेगी. इसके अलावा बैठक में राम मंदिर और गौसेवा को लेकर भी चर्चा हुई. प्रचारकों के साथ बैठक के बाद बुधवार से संघ प्रमुख की आनुषांगिक संगठनों के साथ बैठक का दौर शुरू होगा. इस बैठक में मध्य भारत क्षेत्र के आनुषांगिक संगठन शामिल होंगे. इसके साथ ही मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेता भी संघ प्रमुख के साथ बैठक में शामिल होंगे. मध्य प्रदेश से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और संगठन महामंत्री सुहास भगत के अलावा कई और बड़े नेताओं के बैठक में पहुंचने की संभावना है. जबकि छत्तीसगढ़ से पूर्व सीएम रमन सिंह और छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समेत कई और बड़े नेता बैठक में शामिल होने भोपाल पहुंचेंगे. क्यों अहम है संघ की बैठक ?राजधानी में चल रहा संघ का मंथन इस लिहाज से भी अहम है क्योंकि प्रचारकों के साथ बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत खुद करीब पांच साल बाद शामिल हो रहे हैं. 3 फरवरी को संघ प्रमुख की जिला प्रचारकों के साथ बैठक हुई. जबकि 4 फरवरी को विभाग प्रचारकों के साथ बैठक का दौर चला. 5 और 6 फरवरी को संघ प्रमुख आनुषांगिक संगठनों के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ बीजेपी के कई दिग्गज नेता भी शामिल होंगे. बैठक में संघ प्रमुख दोनों प्रदेशों में बीजेपी संगठन की नब्ज टटोलने की कोशिश करेंगे. साथ ही सीएए के बाद बदले हालात पर भी चर्चा होगी. युवाओं पर संघ का फोकस भोपाल से पहले गुना में हुए तीन दिन के युवा संकल्प शिविर में मोहन भागवत ने युवाओं के साथ संवाद किया था. मोहन भागवत ने अपने संबोधन के दौरान कहा था कि आज के दौर में हर कोई नेता बनने की कोशिश कर रहा है लेकिन समाज को नेता नहीं बल्कि नायक की ज़रुरत है. कुछ लोग सामने आकर काम नहीं करते लेकिन वो नींव के पत्थर का काम करते हुए देश हित में जीवन लगा देते हैं.  ये भी पढ़ें- window.ADNW = window.ADNW || {}; window.ADNW.v60 = window.ADNW.v60 || {}; window.ADNW.v60.slots = window.ADNW.v60.slots || []; window.ADNW.v60.slots.push({ rootElement: document.getElementNYOOOZ HINDIId("firstArticle"), placementid: '891619170980514_1503976046411487', format: 'recirculation', testmode: false, onAdLoaded: function(element) { // called on each single ad that is loaded }, onAdError: function(errorCode, errorMessage) { // called when no ads could be loaded }, onUnitLoaded: function(rootElement) { // called when whole unit is loaded console.log('Audience Network [891619170980514_1503976046411487] unit loaded'); rootElement.setAttribute("style", "border-top: 1px solid #908888;border-bottom: 1px solid #908888;padding: 10px 0;margin: 10px 0 20px;display:block"); }, onUnitError: function(errorCode, errorMessage) { // called when whole unit could not be loaded console.log('Audience Network [891619170980514_1503976046411487] error (' + errorCode + ') ' + errorMessage); }, recirculation: { desktop: { ad_load: 'auto', infinite_scroll: 'auto', layout: 'h_list', rows: 'one', columns: 'two' }, mobile: { ad_load: 'auto', infinite_scroll: 'auto', layout: 'grid', }, } }); IIFA Awards पर उठ रहे सवालों का कमलनाथ ने ब्लॉग लिखकर दिया जवाब, कही ये बात MP में बिजली की अधिकतम मांग का टूटा रिकॉर्ड, जानिए किस इलाके के लोग सबसे ज्यादा जला रहे बिजली?।

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